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औंटा-सिमरिया पुल के बाढ़ से झुके तीन पिलर वेल, अगले साल नहीं हो सकेगा आवागमन शुरू

पीएम पैकेज में शामिल गंगा नदी पर निर्माणाधीन औंटा-सिमरिया छह लेन पुल से होकर अगले साल आवागमन शुरू होने की संभावना नहीं है. इसकी मुख्य वजह यह है कि इस साल बाढ़ और नदी में तेज बहाव से नदी में निर्माणाधीन पुल के तीन पायों का काम बाधित हुआ है. इनका वेल झुक गया है.

By Prabhat Khabar Print Desk
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सांकेतिक
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पटना. राज्य की महत्वाकांक्षी पुल परियोजनाओं और पीएम पैकेज में शामिल गंगा नदी पर निर्माणाधीन औंटा-सिमरिया छह लेन पुल से होकर अगले साल आवागमन शुरू होने की संभावना नहीं है. इसकी मुख्य वजह यह है कि इस साल बाढ़ और नदी में तेज बहाव से नदी में निर्माणाधीन पुल के तीन पायों का काम बाधित हुआ है. इनका वेल झुक गया है.

विशेषज्ञों की राय में इसकी वजह वेल निर्माण के लिए जमीन का सही आधार नहीं मिलना है. अब गंगा नदी में पानी घटने के बाद ही नये सिरे से तीनों वेल का निर्माण कर पायों का निर्माण किया जायेगा. हालांकि, फोरलेन एप्रोच सहित करीब आठ किमी लंबाई में करीब 1161 करोड़ रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था.

इसे फरवरी 2022 में पूरा होने की समय -सीमा तय की गयी थी. सूत्रों का कहना है कि गंगा पर औंटा व सिमरिया के बीच वर्तमान राजेंद्र सेतु से 480 मीटर पूरब से शुरू होकर उत्तर में सिमरिया घाट के पास मिलेगा. यह पुल बिहार में हाइब्रिड एन्यूटी मोड से बनने वाला पहला सड़क पुल प्रोजेक्ट होगा. इसका शिलान्यास 14 अक्तूबर, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. औंटा-सिमरिया छह लेन पुल बख्तियारपुर से खगड़िया के बीच बन रहे फोरलेन का हिस्सा है.

तीन पार्ट में बननेवाले फोरलेन में पहला पैकेज बख्तियारपुर से मोकामा है. एनएच-31 में लगभग 45 किमी नये एलाइनमेंट पर फोरलेन बन रहा है. पटना-बख्तियारपुर फोरलेन के आखिरी छोर पर सीधे टाल होते हुए यह सड़क मोकामा के औंटा तक जायेगी. यह मोकामा का नया बाइपास होगा. दूसरे पैकेज में सिमरिया से बेगूसराय होते हुए खगड़िया तक करीब 60 किमी लंबाई में फोरलेन बन रहा है.

क्या है हाइब्रिड एन्यूटी मोड

हाइब्रिड एन्यूटी मोड में निर्माण कंपनी को आर्थिक सहयोग मिलता है. इसके लिए सरकार समय-समय पर कंपनी को राशि मुहैया कराती है, ताकि निर्माण के दौरान राशि के अभाव में काम पर असर नहीं पड़े. सरकार की ओर से निर्माण पर होनेवाले खर्च की राशि किस्तों में भुगतान की जाती है.

Posted by Ashish Jha

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