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राज्य सरकार की ओर से दिये गये शपथ पत्र में कोरोना पर पूरे तथ्य नहीं, कोर्ट ने सुनवाई को एक सप्ताह के लिए टाला

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
पटना हाइकोर्ट
पटना हाइकोर्ट
फाइल

पटना. मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश एस कुमार की खंडपीठ में कोरोना को लेकर दायर हुई कई लोकहित याचिकाओं पर मंगलवार को फिर सुनवाई की गयी. राज्य सरकार की ओर से दिये गये शपथ पत्र में पूरा तथ्य नहीं रहने से कोर्ट ने सुनवाई को एक सप्ताह के लिए टाल दिया.

साथ ही कोर्ट ने सरकार को कहा कि वह राज्य में कोरोना के कारण हुई मौत का जिलेवार रिपोर्ट खंडपीठ के समक्ष पेश करे. हालांकि कोर्ट के सामने सरकार की ओर से बक्सर में किये गये अंतिम संस्कार के आंकड़ों की जानकारी दी गयी. इसमें बताया गया कि जनवरी से 15 मई 2021 तक बक्सर के मुक्तिधाम,चरित्रवन में कुल 7166 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया.

इधर, पांच मई से 14 मई के बीच 10 दिनों में यहां पर कुल 789 लोगों का दाह संस्कार किया गया. कोर्ट को यह भी बताया गया कि बक्सर के मुक्तिधाम,चरित्रवन में बक्सर जिला के अलावा भोजपुर, रोहतास, कैमूर व अन्य सीमावर्ती जिलों शवों का भी दाह संस्कार होता है.

कोर्ट को यह भी जानकारी दी गयी कि कोविड से मृत्यु से संबंधित आंकड़े स्वास्थ्य विभाग द्वारा संकलित किया जा रहा है. कोरोना को लेकर सुनवाई के दौरान कोर्ट को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि जो जानकारी संबंधित पक्षों से मांगी गयी थी वह पूरी तरह उपलब्ध नहीं हुई है. इसके लिए उसे दस दिन का और समय चाहिये. पूरी जानकारी मिलने के बाद कोर्ट को सभी तथ्यों की जानकारी उपलब्ध करा दी जायेगी.

खंडपीठ को बताया गया कि जो भी जानकारी उपलब्ध है उसे सभी संबंधित पक्ष कोर्ट में दायर कर रहे हैं. कोर्ट को मुख्य सचिव की ओर से बताया गया कि अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह सभी स्रोत से कोविड -19 से हुई मरीजों की मृत्यु और उनके उम्र का जिलेवार ब्योरा इकट्ठा कर उनको उपलब्ध करावें.

राज्य में स्थित एम्स, आइजीआइएमएस अस्पताल के निर्देशक सभी मेडिकल कालेजों के सुपरिटेंडेंट व सिविल सर्जन इस मामले में सभी कागजातों की जांच कर 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट दें ताकि कोर्ट को सही तथ्यों की जानकारी दी जा सके. अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद की जायेगी.

Posted by Ashish Jha

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