टीपीएस कॉलेज के प्राचार्य ने अंचलाधिकारी की कार्यशैली को लेकर डीएम से की जांच की मांग

प्राचार्य ने आरोप लगाया कि अंचलाधिकारी ने हमेशा कॉलेज की मदद के बजाय स्थानीय लोगों की मदद की.

संवाददाता, पटना टीपीएस कॉलेज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मां और पिता के नाम पर दो भवनों का निर्माण होना है. कॉलेज कैंपस से सटी जगह पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है. इसे हटाने के लिए कई बार कॉलेज के प्राचार्य प्रो उपेंद्र प्रसाद सिंह ने अंचलाधिकारी को पत्र लिखा. लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका. प्राचार्य ने आरोप लगाया कि अंचलाधिकारी ने हमेशा कॉलेज की मदद के बजाय स्थानीय लोगों की मदद की. पत्राचार के माध्यम से कोई सही जवाब नहीं दिया. उल्टे मंगलवार को जब अंचालाधिकारी को उन्होंने फोन किया, तो उन्होंने पहले कहा कि डीएम के कार्यालय द्वारा रोक लगा दी गयी है. बाद में उन्होंने कहा कि लीगल ऑफिसर अमित ने मना किया है. लीगल ऑफिसर अमित से संपर्क करने पर उन्होंने साफ कहा कि मैंने मना नहीं किया है और न इस मुद्दे पर अंचलाधिकारी से मेरी कोई बात हुई है. प्राचार्य ने डीएम को इस पूरे प्रकरण में अंचलाधिकारी, पटना सदर की भूमिका की जांच कर न्याय करने की मांग की है. साथ ही जल्द अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराने की कृपा करने की बात कही है. इस मामले में सदर अंचलाधिकारी रजनी कांत का कहना है कि इस मामले की सुनवाई जिलाधिकारी के न्यायालय में चल रही है. डीएम कोर्ट का जैसा आदेश होगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जायेगी.

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Published by: Ajay kumar

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