संवाददाता, पटना
सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को प्रत्येक दिन पाठ टीका (अगले दिन की पढ़ाई की प्लानिंग) तैयार करना होगा. स्कूलों में दोपहर 12 बजे छुट्टी के बाद शिक्षक प्रतिदिन 12 बजे से 1:30 बजे तक स्कूल में रहकर पाठ टीका तैयार करेंगे. इसके अलावा शिक्षक स्कूल में छुट्टी के बाद कॉपियों की जांच, साप्ताहिक मूल्यांकन की कॉपियां जांच, मासिक मूल्यांकन की कॉपियों की जांच करेंगे. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक अतिरिक्त कार्य जैसे नामांकन व अन्य प्रशासनिक कार्य करेंगे. सारे कार्य पूरे करने के बाद शिक्षक प्रतिदिन 1:30 बजे घर के लिए प्रस्थान करेंगे. जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि शिक्षकों की आठ घंटे की नौकरी है. फिर भी शिक्षकों को आधे घंटे पहले यानी 1:30 बजे छुट्टी दी जा रही है. स्कूलों में सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक पढ़ाई होनी है.अगले दिन क्या करना है, यह बताना होगा पाठ टीका में
पाठ टीका में शिक्षकों को कक्षा में पढ़ाये जाने वाले चैप्टर के बारे में लिखना होगा. इसी आधार पर शिक्षकों को अगले दिन पढ़ाना होगा. इसमें यह लिखना होता है कि किस शिक्षक ने कितनी घंटी ली. पाठ टीका का स्पष्ट अर्थ है कि शिक्षकों ने प्रतिदिन कौन से कार्य किये और अगले दिन क्या करना है, इन सबकी जानकारी अंकित करेंगे. ताकि ये सब बातें उन्हें याद रहे कि आगे क्या करना है. इस तरह से महीने भर का पाठ टीका तैयार किया जा सकता है.मिशन दक्ष व विशेष कक्षा में शिक्षकों को शामिल होना अनिवार्य
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि गर्मी की छुट्टी खत्म होने के बाद स्कूल सुबह छह से 12 बजे तक संचालित हो रहे हैं. 12 बजे से 1:30 बजे तक मिशन दक्ष व विशेष कक्षा संचालित होगी. इन दोनों कक्षाओं में शिक्षकों को शामिल होना अनिवार्य है. यदि शिक्षकों की संख्या अधिक होगी, तो वे स्कूल में 1:30 बजे तक स्कूल से संबंधित प्रशासनिक कार्य करेंगे. प्रधानाध्यापक यह तय करेंगे कि किस शिक्षक से क्या काम लेना है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
