1. home Hindi News
  2. state
  3. bihar
  4. patna
  5. school uniform and transportation expenses increased by 20 percent in bihar parents are being hit by inflation asj

बिहार में 20 फीसदी बढ़ा स्कूल यूनिफॉर्म और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च, अभिभावकों पर पड़ रही महंगाई की मार

शहर के अधिकतर स्कूलों में अप्रैल के पहले सप्ताह से नया सत्र शुरू हो जायेगा. हर साल नये सत्र में अभिभावकों को अपने बच्चों के लिए स्कूल यूनिफॉर्म खरीदना पड़ता है. पिछले साल की तुलना में इस बार यूनिफॉर्म की कीमतों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
बिहार के स्कूल
बिहार के स्कूल
pti photo

पटना. नये सत्र में स्कूल यूनिफॉर्म की कीमतों में हुई बढ़ोतरी और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ने से अभिभावकों को दोहरी मार झेलनी पर रही है. शहर के अधिकतर स्कूलों में अप्रैल के पहले सप्ताह से नया सत्र शुरू हो जायेगा. हर साल नये सत्र में अभिभावकों को अपने बच्चों के लिए स्कूल यूनिफॉर्म खरीदना पड़ता है. पिछले साल की तुलना में इस बार यूनिफॉर्म की कीमतों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. अधिकतर स्कूलों की ओर से अभिभावकों को बुकलिस्ट के साथ ही यूनिफॉर्म की कीमतों की भी जानकारी दे गयी है.

यूनिफॉर्म की कीमत में 20 प्रतिशत का इजाफा

बोरिंग रोड स्थित स्कूल यूनिफॉर्म बेचने वाले दुकानदार पंकज का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार एक सेट यूनिफॉर्म की कीमत में 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. एक सेट यूनिफॉर्म में एक शर्ट, पैंट, मोजा, टाइ और बेल्ट शामिल रहता है जिसकी कीमत एक हजार से 1200 रुपये तक है. वहीं इसके अलावा जूते के लिए अभिभावकों को अलग से 1200 से 1500 रुपये चुकाना पड़ रहा है. वहीं ठाकुरबारी रोड स्थित स्कूल यूनिफॉर्म बेचने वाले दुकानदार राकेश अग्रवाल बताते हैं कि अब ज्यादातर स्कूलों अपने ही कैंपस में यूनिफॉर्म का काउंटर लगा लेते हैं और जिससे अभिभावक वहीं से खरीदारी कर लेते हैं.

स्कूल बदल दे रहे हैं यूनिफॉर्म

अभिभावक रश्मि बताती हैं कि पिछले साल एक सेट यूनिफॉर्म 800 रुपये में लिया था इस बार 1200 रुपया खर्च करना पड़ा है. उन्होंने बताया कि पिछले साल दो सेट कपड़ा लिया था मगर इस बार शर्ट में स्ट्राइप डाल दिया गया है जिसकी वजह से नहीं चाहते हुए भी एक सेट कपड़ा खरीदना पड़ा है.

ट्रांसपोर्टेशन की कीमत में भी हुआ 10 प्रतिशत तक इजाफा

शहर के ज्यादातर स्कूलों में प्राइवेट ट्रांसपोर्टर के माध्यम से ही बस व वैन की सुविधा बच्चों को दी जा रही है. पिछले साल के मुकाबले नये सत्र में ट्रांसपोर्टेशन की कीमत में भी 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. ट्रांस्पोर्टर संजीव ने बताया कि तेल की कीमत में हुई बढ़ोतरी व महंगाई बढ़ने की वजह से ड्राइवर और खलासी की सैलरी भी बढ़ानी पड़ी है. अभिभावक राजेश ने बताया कि उनकी बेटी दूसरी कक्षा में पढ़ती है. स्कूल वैन वाले पहले ही बता दिया है कि नये सत्र से तीन हजार रुपये देना होगा. कोरोना काल से पहले 22, 00 रुपये ही दिया करते थे.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें