पीयू छात्रसंघ चुनाव में बैलेट पेपर पर लिखे अपशब्द, 510 को किया गया रद्द

PUSU Election: पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में बैलेट पेपर पर प्रत्याशियों के बारे में वोटरों ने अपशब्द लिखे. कुछ बैलेट पेपर पर चुनाव प्रक्रिया और छात्र राजनीति को लेकर भी नाराजगी जताई गई थी. इसके साथ ही 510 बैलेट पेपर को रद्द कर दिया गया है.

PUSU Election: पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव की काउंटिंग के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया. कई बैलेट पेपर पर वोटरों ने उम्मीदवारों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखी थीं. इतना ही नहीं, कई पदों के लिए डाले गये बैलेट पेपर में सभी उम्मीदवारों के नाम ऊपर से नीचे तक काट दिए गए थे. काउंटिंग में लगे कर्मियों ने बताया कि इस बार बड़ी संख्या में ऐसे बैलेट पेपर मिले, जिन पर अभद्र टिप्पणियां दर्ज थीं.

कुछ बैलेट पेपर पर चुनाव प्रक्रिया और छात्र राजनीति को लेकर भी नाराजगी जताई गई थी. अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के बैलेट पेपर को अमान्य घोषित किया गया. अध्यक्ष पद के लिए 7658 वोट पड़े, उनमें से 7343 वैलिड हुए और 315 रद्द किए गए. जबकि जेनरल सेक्रेटरी में 7688 में 7178 बैलेट पेपर को वैलिड किया गया. इनमें 510 बैलेट पेपर को रद्द किया गया.

अधिकारियों ने क्या बताया?

काउंटिंग सेंटर पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में इस तरह की घटनाएं पहले बहुत कम देखने को मिली थीं. पहली बार इस स्तर पर बैलेट पेपर पर टिप्पणियां लिखी हुई मिली हैं. कई बैलेट पेपर में किसी भी उम्मीदवार को वोट नहीं दिया गया, बल्कि सभी नाम काट दिए गए थे. एक कर्मी ने बताया कि अपशब्द भी लिखे हुए थे. लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस पर औपचारिक टिप्पणी नहीं की है.

निर्दलीय उम्मीदवार का रहा जलवा

छात्रसंघ चुनाव में सेंट्रल पैनल के उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार शिफत फैज ने जीत दर्ज की है. उसे 1568 वोट मिले. 2025 के छात्रसंघ चुनाव में भी महासचिव के पद पर जीत हासिल करने वाली सलोनी राज को 4274 वोट टीम ओसामा की रणनीति से ही मिला था. इस बार भी उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने वाली शिफत फैज को भी टीम ओसामा ने ही सपोर्ट किया था.

हालांकि साल 2025 में दो निर्दलीय उम्मीदवार ने सेंट्रल पैनल के उपाध्यक्ष और महासचिव पद पर जीत हासिल की थी. 2025 में उपाध्यक्ष के पद पर निर्दलीय उम्मीदवार धीरज कुमार ने जीत दर्ज की थी. टीम ओसमा को लीड करने वाले ओसामा खुर्शीद ने कहा कि यह धारणा है कि सत्ताधारी पार्टी से समर्थन प्राप्त उम्मीदवार ही जीत सकते हैं. हमने साबित किया है कि विद्यार्थियों के हित से जुड़ी बात करना जीत दर्ज कराने के लिए काफी है.

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Published by: Preeti dayal

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