1. home Hindi News
  2. state
  3. bihar
  4. patna
  5. people coming from abroad did not show any symptoms for 14 days corona positive was found on 23rd day

विदेशों से आने वाले लोगों में 14 दिनों तक नहीं दिखा कोई लक्षण, 23वें दिन पाए गए कोरोना पॉजिटिव

By Radheshyam Kushwaha
Updated Date
Prabhat Khabar Digital Desk

पटना. विदेशों से लौटने वालों में अब 14 दिनों का क्वारेंटिन का भले ही बड़े पैमाने पर लाभ मिल रहा है. हालांकि, यह समय भी अब पॉजिटिव होने के लिए कम पड़ गया है. राज्य में कई ऐसे मरीज हैं जिनमें विदेशों से लौटने के 14 दिनों के बाद ही कोरोना के लक्षण पाये गये है. नालंदा के जिस 40 साल के युवक में सोमवार को कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया है, वह दुबई से 21 मार्च को लौटा था. इसमें विदेशों से लौटने के 23 दिनों बाद कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. साथ ही विदेश से लौटनेवालों के संपर्क में आने से भी लोगों में सबसे अधिक संक्रमण पाया गया है.

राज्य में पहला कोरोना पॉजिटिव केस की पहचान 22 मार्च को हुई थी. एक दिन में दो मरीजों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. इसमें एक मरीज, जो कतर से मुंगेर लौटा था उसकी मौत के बाद उसमें पॉजिटिव रिपोर्ट मिली थी. जबकि, दूसरी महिला मरीज अपने घर के सदस्य के स्कॉटलैंड से लौटने के बाद पॉजिटिव हो गयी थी. मुंगेर के संक्रमित मरीज के संपर्क में आने के बाद नौ लोग संक्रमित हो गये थे. इसी प्रकार नौ अप्रैल को सीवान के एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया, जो 16 मार्च को दुबई से सीवान लौटा था. वह 24 दिनों के बाद पॉजिटिव पाया गया.

यह एक नये प्रकार की बीमारी : प्रधान सचिव : 21 मार्च को सीवान से लौटे एक अन्य मरीज का परिजन पॉजिटिव पाया गया. यह ओमान से लौटा था और देखते-देखते परिवार के 24 लोगों को पॉजिटिव कर दिया. इसके अलावा नौवगछिया में यूके से 18 मार्च को लौटे संक्रमित में चार अप्रैल को कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया. यह मरीज 17 दिनों के बाद संक्रमित पाया गया. कुछ ऐसे भी मरीज हैं, जो 14 दिनों के अंदर भी पॉजिटिव पाये गये हैं. इसमें दुबई से 21 मार्च को लौटे 37 वर्षीय युवक है, जो 21 मार्च को गया लौटा था.

यह युवक तीन अप्रैल को पॉजिटिव कंफर्म हुआ. ऐसा ही 35 साल का युवक 21 मार्च को सीवान लौटा था जिसमें तीन अप्रैल को कोविड-19 कंफर्म हुआ था. यह एक ट्रेड दिखा रहा है कि 14 दिनों की क्वारेंटिन की अवधि के बाद भी लोग संक्रमित हो रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार का भी मानना है कि राज्य में एक-दो लोग इस प्रकार के हैं. चूंकि, यह नये प्रकार की बीमारी है जिसको हर स्तर पर देखा और समझा जा रहा है.

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें