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पटना, सारण, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद और गया सहित इन जगहों पर बालू खनन एक से, उचित कीमत पर देने की तैयारी

पटना, भोजपुर, सारण, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिले सहित राज्य में बालू का खनन फिर से एक अक्तूबर से शुरू होगा. इन छह जिलों के लिए पहले से मिली हुई पर्यावरणीय स्वीकृति को पुराने बंदोबस्तधारियों से नये बंदोबस्तधारियों को स्थानांतरित करने की मंजूरी सिया ने दे दी है.

By Prabhat Khabar Print Desk
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पटना, सारण, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद और गया सहित इन जगहों पर बालू खनन एक से
पटना, सारण, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद और गया सहित इन जगहों पर बालू खनन एक से
प्रभात खबर

पटना. पटना, भोजपुर, सारण, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिले सहित राज्य में बालू का खनन फिर से एक अक्तूबर से शुरू होगा. इन छह जिलों के लिए पहले से मिली हुई पर्यावरणीय स्वीकृति को पुराने बंदोबस्तधारियों से नये बंदोबस्तधारियों को स्थानांतरित करने की मंजूरी सिया ने दे दी है. राज्य में यह नयी व्यवस्था लागू की गयी है. पहले ऐसी व्यवस्था नहीं थी. इसके बाद लोगों को उचित कीमत पर आसानी से बालू मिलने लगेगा.

अभी पटना सहित राज्य के कई स्थानों पर 10 से 12 हजार रुपये प्रति 100 सीएफटी बालू मिलने की जानकारी मिल रही है. हालांकि, प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर बालू उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी. इसके बावजूद आम लोगों को तय दर से ढाई से तीन गुना अधिक कीमत पर बालू खरीदना पड़ रहा है.

दरअसल एनजीटी के निर्देशों के अनुसार एक जुलाई से 30 सितंबर तक बालू का खनन बंद है. वहीं, राज्य के पांच जिलों पटना, भोजपुर, सारण, रोहतास और औरंगाबाद में नदी घाटों के बंदोबस्तधारियों ने एक मई से ही बालू का खनन बंद कर दिया था.

उचित कीमत पर मिलेगा बालू

गया जिले के नदी घाटों के बंदोबस्तधारी ने भी इससे पहले बालू का खनन बंद कर दिया था. इसके बाद से सभी छह जिलों के बालू घाटों की बंदोबस्ती नये सिरे से करने की तैयारी की जा रही थी. इसके लिए पर्यावरणीय स्वीकृति नये सिरे से करना बड़ी समस्या थी. ऐसे में पुराने बंदोबस्तधारी को नदी घाटों पर खनन के लिए पहले से मिली पर्यावरणीय स्वीकृति को नये बंदोबस्तधारी को स्थानांतरित करने की व्यवस्था करने की जरूरत महसूस की गयी.

सिया से मिली अनुमति

राज्य में नदी घाटों से बालू खनन के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति सिया से मिलती है. सिया का पुनर्गठन पिछले महीने ही हुआ है. इसके बाद इसकी पहली बैठक हुई है. इसमें सभी छह जिलों पटना, भोजपुर, सारण, रोहतास, औरंगाबाद और गया के नदी घाटों के लिए पुराने बंदोबस्तधारियों को मिली पर्यावरणीय स्वीकृति का स्थानांतरण नये बंदोबस्तधारियों को करने की मंजूरी दे दी गयी है.

इसके बाद अब खान एवं भू-तत्व विभाग इन छह जिलों के बालू घाटों के लिए खनन की जिम्मेदारी नये बंदोबस्तधारियों को देने की व्यवस्था में जुटा है. अगले सप्ताह नये बंदोबस्तधारियों के नाम की घोषणा हो सकती है. साथ ही एक अक्तूबर से इन छह जिलों में भी खनन शुरू हाेगा.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

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