मसौढ़ी की बेटी का जर्मनी में जलवा, 'बेस्ट रिसर्च अवार्ड 2026' से सम्मानित

Patna News: धनरूआ के सुल्तानपुर की डॉ. जया भारती ने 'ग्रीन एनर्जी' में लहराया परचम, सरकारी स्कूल से शुरू हुआ था सफर.

धनरूआ के सुल्तानपुर की डॉ. जया भारती ने ‘ग्रीन एनर्जी’ में लहराया परचम, सरकारी स्कूल से शुरू हुआ था सफर

Patna News: (अजय कुमार की रिपोर्ट) धनरूआ प्रखंड के सुल्तानपुर गांव की बेटी डॉ. जया भारती ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार और देश का मान बढ़ाया है.जर्मनी के ब्राडेनबर्ग राज्य में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें ‘नेचुरल साइंस एंड इंजीनियरिंग’ श्रेणी में प्रतिष्ठित ‘बेस्ट रिसर्च अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन्हें जर्मनी के साइंस एंड कल्चर मंत्री के हाथों प्राप्त हुआ.

जर्मनी में मिला बड़ा सम्मान

डॉ. जया वर्तमान में जर्मनी की पॉट्सडैम यूनिवर्सिटी में रिसर्च साइंटिस्ट हैं.उनका शोध ‘ग्रीन एनर्जी स्टोरेज मटेरियल’ पर आधारित है.जिसे भविष्य की बैटरी तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से क्रांतिकारी माना जा रहा है. उनकी इस खोज ने वैश्विक मंच पर भारतीय मेधा का लोहा मनवाया है.

​साधारण स्कूल से आईआईटी और पेरिस तक का सफर

जया की यह सफलता ग्रामीण परिवेश के बच्चों के लिए किसी मिसाल से कम नहीं है. उनकी प्रारंभिक शिक्षा धनरूआ के सुल्तानपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय (वार्ड-10) से हुई. इसके बाद पटना से इंटरमीडिएट, दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक और आईआईटी गांधीनगर से एमएससी की पढ़ाई पूरी की.उनकी प्रतिभा को देखते हुए फ्रांस सरकार ने उन्हें स्कॉलरशिप दी, जिसके तहत उन्होंने पेरिस यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की. पीएचडी के बाद उन्होंने दुनिया के विख्यात मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट से पोस्ट-डॉक्टरेट किया.

भारत लौटकर सेवा करने का सपना

पुरस्कार मिलने के बाद डॉ. जया ने अपनी जड़ों को याद करते हुए कहा, “मेरी जड़ें मसौढ़ी में हैं. मेरा सपना है कि मैं भारत लौटकर किसी आईआईटी में फैकल्टी के रूप में सेवा दूं और देश के लिए रिसर्च करूं. उन्होंने ग्रामीण छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि सरकारी स्कूल से पढ़कर भी दुनिया के किसी भी कोने तक पहुंचा जा सकता है, बस मेहनत और लगन की जरूरत है.

गर्व से भरा परिवार और क्षेत्र

जया के पिता मेजर विनय कुमार (भागलपुर कॉलेज में एनसीसी अधिकारी) और माता उषा रानी ने अपनी बेटी की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया है.उन्होंने कहा कि जया बचपन से ही मेधावी थी और आज उसने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. डॉ. जया की इस सफलता से पूरे मसौढ़ी और धनरूआ क्षेत्र में खुशी की लहर है.

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By karunatiwari

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