पटना जंक्शन ट्रैफिक नियम पहले ही दिन रद्द, प्लान पर फिर होगा फैसला, बैकफुट पर प्रशासन

Patna Junction Traffic Rule: पटना जंक्शन के नए ट्रैफिक नियमों को पहले ही दिन ऑटो चालकों की हजारों की हड़ताल ने ठप कर दिया. जंक्शन से लेकर राजेंद्र नगर तक ऑटो की लंबी कतारें लग गईं. इससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. भारी विरोध के बाद प्रशासन ने नियम को एक सप्ताह के लिए रोक दिया.

Patna Junction Traffic Rule: पटना जंक्शन स्टेशन रोड के पास भीषण जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बनाये गये नियम को पहले दिन ही ऑटो चालकों की हड़ताल के कारण रद्द कर दिया गया. अब एक सप्ताह तक इस नये ट्रैफिक नियम को रोक दिया गया है. ऑटो यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद आगे का निर्णय लिया जायेगा. दरअसल एक दिसंबर से पटना जंक्शन की परिधि में व्यावसायिक वाहन ऑटो, इ-रिक्शा, टैक्सी के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगनी थी. नये ट्रैफिक रूट से ऑटो चालकों का परिचालन होना था.

पूरी तरह चरमरा गई ट्रैफिक व्यवस्था

सोमवार से यह नियम लागू कराने की पूरी तैयारी हो गयी थी, लेकिन सुबह साढ़े आठ बजे से ही पूर्वी क्षेत्र के छह हजार ऑटो चालकों ने एक साथ हड़ताल का ऐलान कर दिया. पटना जंक्शन गोलंबर के पास हजारों की संख्या में चालक ऑटो लेकर पहुंच गये. नतीजा यह हुआ कि राजेंद्र नगर से पटना जंक्शन गोलंबर तक ऑटो की लंबी लाइन लग गयी. यातायात पूरी तरह चरमरा गया. ऑटो चालकों ने स्टेशन गोलंबर के पास ट्रैफिक पुलिस के नये नियम के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया, नारेबाजी की और निर्देश को वापस लेने की जिद्द पर अड़ गये.

प्रदर्शन करते ऑटो ड्राइवर

ऐसे खत्म हुआ हड़ताल

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मौके पर ट्रैफिक डीएसपी-2 अनिल कुमार और कोतवाली थाना की पुलिस पहुंच गयी. ऑटो यूनियन के प्रतिनिधियों के अनुसार करीब छह हजार ऑटो चालक इस प्रदर्शन में शामिल थे. घंटों तक ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार ऑटो चालकों को समझाने की कोशिश करते रहे, बावजूद चालकों ने हड़ताल खत्म करने से इन्कार कर दिया. लंबा जाम और लोगों की परेशानियों को देखते हुए ट्रैफिक एसपी ने एक सप्ताह का समय देते हुए पुराने ट्रैफिक रूट पर ही ऑटो चलाने का आदेश दिया. आदेश मिलने के बाद ऑटो चालकों ने चार घंटे बाद हड़ताल को खत्म किया.

यात्रियों को बैठा रहे नगर सेवा के बस चालक को पीटा

प्रदर्शन के दौरान परेशान यात्री बस का सहारा ले रहे थे. इस दौरान प्रदर्शन कर रहे ऑटो चालकों ने मारपीट की. सरकारी बस और नगर सेवा की बस के शीशे को तोड़ने का प्रयास किया. इसी दौरान नगर सेवा बस के एक चालक को भी ऑटो चालकों ने बस इस कारण पीट दिया, क्योंकि वह यात्रियों को बैठा रहा था. किसी तरह पुलिसकर्मियों ने मामला शांत कराया. चालकों ने बस सेवा बाधित करने का भी प्रयास किया, जिसके कारण घंटों राहगीर परेशान रहे.

पैदल जाते यात्री

कई परीक्षार्थियों की परीक्षा छूटी, ट्रेन और फ्लाइट भी नहीं पकड़ पाये

प्रदर्शन के दौरान जीविका दीदी की परीक्षा देने जा रहे कई परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गयी. इसके अलावा कई लोग ट्रेनें और फ्लाइट भी नहीं पकड़ पाये. एक-दो किलोमीटर नहीं बल्कि स्टेशन पहुंचने के लिए पांच किलोमीटर पैदल चलकर कई लोग स्टेशन पहुंचे. हड़ताल से जाम के कारण लोग सामान लेकर स्टेशन के पास खड़े थे. किसी तरह कोई बस चालक यात्रियों को बैठा रहे थे उन्हें रोक दिया जा रहा था. इस दौरान पुलिस और ऑटो चालकों के बीच हल्की नोक-झोंक भी हुई.

ऑटो ड्राइवर का प्रदर्शन

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अफसरशाही नहीं, बगैर किसी बातचीत के निर्णय लिया गया

इस प्रदर्शन के समर्थन में ऑटो चालकों के सभी यूनियन ने समर्थन दिया. सभी ने कहा चालकों की रोजी-रोटी का सवाल है. बगैर किसी बैठक और बातचीत के नया नियम लागू कर दिया गया है. इसी का विरोध है. हमलोगों की भी समस्या है और बगैर उसके बारे में जाने ही नियम लागू किया गया, तो आंदोलन किया जायेगा. ऑटो मेन्स यूनियन बिहार के महासचिव अजय कुमार पटेल ने कहा कि ट्रैफिक अधिकारियों ने पूर्व की तरह पटना जंक्शन तक आने जाने वाले सभी रूटों के ऑटो का परिचालन होगा.

पटना महिला-पुरुष ऑटो चालक संघ के महासचिव नवीन मिश्रा ने बताया कि पहले की तरह ही ऑटो का परिचालन होगा. आगे बैठक के बाद हल निकाला जायेगा. पटना ट्रैफिक एसपी वैभव शर्मा ने कहा कि एक सप्ताह का समय दिया गया है. ऑटो यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ जल्द ही कमिश्नर की अध्यक्षता में बैठक होगी. बैठक के बाद निर्णय लिया जायेगा.

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लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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