Patna High Court: हाइकोर्ट के वकील ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में लिखा- तनाव बर्दाश्त के बाहर है

Patna High Court: पटना हाइकोर्ट के वकील रूपेश कुमार ने मानसिक तनाव में आकर खुद की जान ले ली. रुपेश शादी के कुछ दिन बाद ही पत्नी से अलग हो गए थे.

Patna High Court: पटना के राजीवनगर थाना क्षेत्र के गांधीनगर स्थित पाटलिपुत्र हेरिटेज अपार्टमेंट में रहने वाले हाइकोर्ट के 35 वर्षीय वकील रूपेश कुमार ने फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली. घटना के वक्त घर में मां और बहन थी. दरवाजा नहीं खुलने पर बहन को शक हुआ तो उसने तुरंत इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी. इसके बाद मौके पर राजीवनगर थाना की पुलिस एफएसएल की टीम के साथ पहुंची. पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो रूपेश फंदे से लटके हुए थे.

घटना पर पुलिस ने क्या बताया

राजीवनगर थानेदार ने बताया कि एफएसएल की टीम ने जांच की है. कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा है कि मैं मानसिक तनाव से गुजर रहा हूं. अब यह तनाव बर्दाश्त बाहर है. मैं अपनी मौत का जिम्मेदार खुद हूं. इसमें किसी का हाथ नहीं है. पुलिस ने सुसाइड नोट व उनका मोबाइल जब्त कर लिया है.

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2022 में हुई थी शादी, कुछ दिन बाद ही दोनों अलग हो गये

जानकारी के अनुसार रूपेश की 2022 में शादी हुई थी. शादी के कुछ दिन बाद से ही पति-पत्नी आपसी विवाद में अलग-अलग रहने लगे थे. वहीं पुलिस ने परिजनों से भी पूछताछ की है. थानेदार ने बताया कि इस मामले में यूडी केस दर्ज किया गया है. जानकारी के अनुसार वह फ्लैट में अक्सर अकेले ही रहते थे. कुछ दिनों से फ्लैट में मां और बहन आयी हुई थी. सुसाइड करने का कारण क्या है यह पता नहीं चल सका है. परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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