बजट सत्र: अपराध पर विपक्ष का हंगामा, वेल में नारेबाजी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को विधान परिषद में कहा कि सदन में जो भी मामले आते हैं, उस पर वह नियमित रूप से समीक्षा करते हैं.

आपके पति का सस्पेंशन हुआ, तब मुख्यमंत्री बनी थीं : नीतीश कुमार

– विधान परिषद में मुख्यमंत्री ने विरोधी दल की नेता राबड़ी देवी से कहा, हम एक-एक चीज की करते हैं समीक्षा

संवाददाता, पटना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को विधान परिषद में कहा कि सदन में जो भी मामले आते हैं, उस पर वह नियमित रूप से समीक्षा करते हैं. अपराध के मामले में त्वरित कार्रवाई होगी. वेल में आकर नारेबाजी कर रहे विपक्षी सदस्यों को अपनी सीट पर जाने का अनुराेध करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी की हत्या हुई है तो वह इसकी जानकारी तुरत लेंगे.

मुख्यमंत्री ने सदन में विरोधी दल की नेता पूर्व सीएम राबड़ी देवी समेत विपक्ष के सभी सदस्यों को अपनी सीट पर बैठ जाने का आग्रह करते हुए कहा कि हम एक-एक चीज की समीक्षा करते है. सीएम ने राबड़ी देवी की ओर इशारा कर कहा कि इनके पति की सरकार में क्या हुआ है. इन लोगों के बोलने का कोई भी मतलब नहीं है. पिछले 19 साल से काम हो रहा है. अब यह पब्लिसिटी चाहते हैं. पहले हिंदू -मुस्लिम झगड़ा होता था. राबड़ी देवी को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको क्या मालूम है. आपके पति का सस्पेंशन हुआ, तो आप मुख्यमंत्री बन गयीं. घर के आदमी को ही ना बैठाया गया. इतना कह कर सीएम बैठ गये.

इसके पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा बिहार में हर दिन हत्या- लूट की घटनाएं हो रही हैं. केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय के रिश्तेदार की हत्या हुई है. वहीं, होली के दौरान हत्याएं हुईं. सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए. जवाब में संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में कहा कि सदन में जो भी बात आती है, सरकार उस पर संज्ञान लेती है, लेकिन विपक्ष आपराधिक घटानाओं के लिए हंगामा कर रहा है, तो उसे यह भी बताना चाहिए कि घटनाओं के बाद कितनी गिरफ्तारी और रिकवरी हुई. इस बात को विपक्षी सदस्य नहीं बताते हैं.

श्रम मंत्री ने कहा कि मेरे बेटे के फिरौती के लिए राजद के एक बड़े नेता ने मांगा था पैसा :

इसी बीच श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने कहा जब 2007 में मेरे बेटे का अपहरण हुआ, तो राजद के एक बड़े नेता ने फिरौती मांगी थी. जदयू के नीरज कुमार ने कहा विपक्ष जनता में भ्रम फैला रहा है. जदयू के ही सदस्य संजय सिंह ने कहा कि राजद सदस्यों को अपने राज की घटनाएं याद नहीं हैं. इसका जवाब देते हुए विरोधी दल की नेता राबड़ी देवी ने कहा कि अशोक चौधरी फिरौती लेते हैं. मंत्री अशोक चौधरी ने इसका कड़ा प्रतिवाद किया. उन्होंने भावुक स्वर मे कहा कि उनके बारे में गलत बातें कही जा रही हैं. राबड़ी देवी ने कहा हम सब जानते हैं, आप क्या हैं.

सुनील सिंह ने लगाया नारा, आसन ने लिया संज्ञान, अब्दुल बारी सिद्दीकी ने जताया खेद

विधान परिषद में चल रहे हंगामा को देखते हुए सभापति ने सभी विपक्ष को बाहर जाने के लिए कहा. इसी बीच जाते – जाते राजद सदस्य सुनील कुमार सिंह ने आसन के पास खड़े होकर नारा लगाने लगे. सभापति ने पूछा कि नारेबाजी के शब्द क्या आसन के लिए बोला जा रहा है. इस पर संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा घटना का पूरा वीडियो मंगवाया जाये और उसे देखा जाये. अगर आसन के लिए कहा गया है, तो आसन को स्वत संज्ञान लेना चाहिए. सरकार आसन के निर्णय के साथ है. उन्होंने कहा विपक्ष की मांग थी कि सरकार जवाब दे. मुख्यमंत्री ने खुद जवाब देते हुए कहा कि अपराधी नहीं बख्शे जायेंगे.

सिद्दीकी ने कहा, हम नासमझ नहीं कि आसन के खिलाफ बोलेंगे

इसी बीच दोबारा से सभी विपक्षी सदस्य सदन में आकर बैठ गये. वहीं, राजद के सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा हम इतने नासमझ नहीं है कि आसन के खिलाफ बोलेंगे. अगर आपको किसी भी तरह से ठेस पहुंची है, तो हम खेद प्रकट करते हैं. इस बीच फिर मंत्री अशोक चौधरी ने बीच में सिद्दीकी को टोका, तो उन्होंने कहा कि आपसे हमें सीखने की जरूरत नहीं है. सिद्दीकी ने खेद प्रकट करते हुए कहा कि अगर आपकी बात को हम सुन लेते कि आपने हमें बाहर जाने के लिए कहा है, तो हम चले जाते है. हमने सुना नहीं था. इसके बाद में सभापति ने कहा खेद प्रकट किया गया है, इस घटनाक्रम को रिकाॅर्ड से हटाने का निर्देश दिया.

सभापति ने कहा मुझे बहुत तकलीफ हुई

सभापति श्री सिंह ने कहा कि मुझे बहुत दुख हुआ कि चार बार हम आसन पर बैठे हैं, लेकिन आज तक पक्षपात का आरोप हम पर नहीं लगाया गया था.

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By RAKESH RANJAN

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