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निश्चय संवाद के जरिये नीतीश ने किया जनता से सीधा संवाद, विकास कार्यों का दिया हिसाब

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
निश्चय संवाद के जरिये जनता से सीधा संवाद करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
निश्चय संवाद के जरिये जनता से सीधा संवाद करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
सोशल मीडिया

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निश्चय संवाद के जरिये बिहार की जनता से सीधा संवाद किया. कार्यक्रम के जरिये नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान बिहार में किये गये विकास कार्यों का हिसाब-किताब जनता को बताया. कार्यक्रम को फेसबुक, ट्विटर और वेबसाइट के माध्यम से हो रहे सीधा प्रसारण को लोगों ने बिहार के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी देखा-सुना.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि समावेशी विकास के साथ सामाजिक उत्थान की प्रतिबद्धता को बिहार सरकार ने पूरा किया है. जनकल्याणकारी निर्णयों से बिहार में बदलाव साफ नजर आता है. अब बिहार की जनता के चेहरों पर मुस्कान दिखती है. तरक्की दिखती है. निश्चय संवाद से जुड़े हुए तमाम लोगों का अभिनंदन करते हुए उन्होंने डिजीटल डेडीकेटेड लाइन प्लेटफॉर्म शुरू करने के लिए संजय झा, अशोक चौधरी और उनके साथ जुड़े सभी लोगों का धन्यवाद दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का जो दौर चला, उस पर मार्च से हम लोगों ने ध्यान देना शुरू कर दिया था. सब लोगों को सचेत रहना चाहिए. लॉकडाउन में हमने लोगों को प्रेरित किया. लॉकडाउन खत्म होने के बाद अनलॉक-1 शुरू हुआ. एक-2 चीज पर हम लोगों ने ध्यान दिया है. आज बिहार में प्रतिदिन एक लाख 50 हजार से ज्यादा कोरोना जांच हो रही है. सबसे ज्यादा जांच एंटीजन टेस्ट से हो रही है. जांच में शीघ्रता के लिए राज्य सरकार 10 आरटीपीसीआर मशीन खरीद रही है.

स्वास्थ्य सेवा के बारे में बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में पर्याप्त संख्या में आईसीयू बेड हैं. अस्पताल हर स्थिति के तैयार हैं. मेडिकल किट, डॉक्टर से परामर्श सुविधा, कॉल सेंटर के माध्यम से भी लोगों को परामर्श दिया जाता है. कोरोना से अगर किसी की मृत्यु होती है, तो राज्य सरकार ने चार लाख रुपये की मदद का प्रावधान किया है.

कोरोना संक्रमण के दौरान हमने रोजगार सृजन पर ध्यान दिया. कृषि आधारित उद्योग के लिए नयी नीति बनायी. बाढ़ की वजह से 16 से भी ज्यादा जिले प्रभावित. हम एयर ड्रॉपिंग के माध्यम से लोगों को राशन पहुंचा रहे हैं. सामुदायिक रसोई के माध्यम से सब को खाना खिलाया जा रहा है. जरा याद कीजिये कि आपदा के वक्त पहले क्या करते थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ आया, फिर सूखा आया, फिर बाढ़ आया. 83 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ प्रभावित हुए. सामुदायिक किचन से पूरे राज्य में 10 लाख लोगों को खाना खिलाया. साथ ही कोरोना की जांच भी करवायी.

नयी पीढ़ी को बताएं कि पहले सड़कों की हालत क्या थी, सिर्फ 835 किमी सड़क थी. अब टोला तक सड़क बनायी गयी है. जनता को सब मालूम होना चाहिए. बिजली का क्या हाल था. 700 मेगा वाट की खपत थी. हमने कहा था बिजली पर काम नहीं करेंगे, तो वोट नहीं मांगने जाऊंगा. हमने बिजली को हर घर से जोड़ा. अब बिजली है. अब लालटेन की जरूरत नहीं.

हम लोगों ने बिहार में सांप्रदायिक सदभाव का काम किया है. हमने कब्रिस्तान की घेराबंदी का कार्य किया. मंदिर की रक्षा के लिए दीवारों के निर्माण किया. गंभीर अपराध के मामले में बिहार का स्थान 23वें नंबर पर है, कभी बिहार पहले नंबर पर हुआ करता था, ये उपलब्धि है.

15 साल पहले नरसंहार होता था, अब कानून का राज है. शाम होने से पहले लोग घर से नहीं निकलते थे, अब देखिए. बिहार शिक्षा का मूल प्रदेश है, हम लोग इस पर और भी काम कर रहे हैं. हमने जिला स्तर पर एजुकेशन को बेहतर बनाया. शिक्षकों के लिए वेतन में 15 प्रतिशत की वेतन वृद्धि, विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट योजना सहित शिक्षा को और बेहतर करने की योजनाएं हैं.

बिहार में कृषि की उत्पादकता बढ़ी है. 13 जिलों में जैविक खेती का काम शुरू किया गया है. कृषि के क्षेत्र में सबसे ज्यादा विकास करना हमारा कर्तव्य है. फसल अवशेष यानी पराली जलाने के लिए मना कर रहे हैं. कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दे रहे हैं.

पहले शिशु मृत्यु दर प्रति हजार 61 थी. हमारे काम संभालने के बाद 32 हुआ. हमने चमकी बुखार पर भी काम किया. बिहार में डॉक्टर और नर्स की बहाली हुई है और भी करेंगे. हेल्थ सेक्टर में हमने बहुत काम किया है.

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