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नयी व्यवस्था: अब जलकर, फलकर, घाट, मेला, बस स्टैंड सैरातों की विभागीय वसूली पर रोक, नीलामी से होगी बंदोबस्ती

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मचारी अब जलकर, फलकर, घाट, मेला, हाट- बाजार, बस स्टैंड आदि सैरातों के कर की वसूली नहीं करेंगे. अब सैरात की बंदोबस्ती केवल नीलामी के जरिये की जायेगी.

By Prabhat Khabar Print Desk
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बस स्टैंड
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पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मचारी अब जलकर, फलकर, घाट, मेला, हाट- बाजार, बस स्टैंड आदि सैरातों के कर की वसूली नहीं करेंगे. अब सैरात की बंदोबस्ती केवल नीलामी के जरिये की जायेगी. सरकार को किसी भी प्रकार से आर्थिक नुकसान न हो इसके लिए अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए सभी जिला और प्रमंडलों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया है.

अपर मुख्य सचिव का कहना है कि सैरात की वसूली में हो रही हीला- हवाली को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सैरातों की विभागीय वसूली को बढ़ावा नहीं देने और डाक (नीलामी) करके बंदोबस्त करने का निर्देश दिया गया है. बंदोबस्ती में हर तीन साल बाद 15 फीसदी की वृद्धि होगी. जिन सैरात की बंदोबस्ती की जगह विभागीय वसूली हो रही है, वहां नीलामी की बोली पिछले सालों में विभाग ने जिस साल सर्वाधिक वसूली की थी उससे अधिक पर शुरू होगी.

सभी प्रमंडलीय आयुक्त और समाहर्ता को लिखे पत्र में कहा गया है कि सुरक्षित जमा राशि निर्धारण के मुताबिक सैरातों की बंदोबस्ती न होने पर विभागीय वसूली की कार्रवाई हो रही है. इससे राजस्व कर्मचारियों पर काम का अनावश्यक दवाब पड़ रहा है. प्रतिस्पर्धा के अभाव में सरकार को राजस्व की क्षति होती है.

हर तीन साल में 15% बढ़ जायेगी सुरक्षित जमा राशि

पत्र में यह भी स्पष्ट है कि सुरक्षित जमा राशि तीन वर्षों पर निर्धारित की जायेगी. इसमें 15 फीसदी की वृद्धि होगी. लॉकडाउन में मेला, हाट- बाजार बंद हो गये थे. बस स्टैंड एवं यातायात के दूसरे साधनों पर लंबे समय तक प्रतिबंध लगा दिया गया था. इससे निर्धारित लक्ष्य पांच सौ करोड़ रुपये के मुकाबले फरवरी माह तक 210.92 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पायी थी.

अंचल अधिकारी को बीस हजार रुपये तक, डीसीएलआर को 50 हजार रुपये तक, एसडीओ को एक लाख रुपये तक,एडीएम को दो लाख , डीएम को पांच लाख, प्रमंडलीय आयुक्त को दस लाख एवं दस लाख से ऊपर के सैरातों की बंदोबस्ती का अधिकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को प्राप्त है.

पिछले साल से 36.42 फीसदी अधिक हुआ राजस्व संग्रह

पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पिछले साल के मुकाबले 36.42 फीसदी अधिक राजस्व वसूल कर सरकार के खजाना में करीब तीन सौ करोड़ का योगदान दिया है. 2021-22 में विभाग को 500 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य मिला है. सभी जिले अपना- अपना लक्ष्य पूरा करें ,इसके लिए अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने सभी समाहर्ताओं को पत्र लिखा है. एसीएस ने डीएम को मासिक लक्ष्य दिया है.

अप्रैल से सितंबर तक लक्ष्य का पांच फीसदी वसूल किया जाना है. सितंबर से जनवरी तक हरेक माह 10 फीसदी मासिक वसूली करनी होगी. फरवरी और मार्च में लक्ष्य 15 फीसदी वसूल किया जाना है. सबसे अधिक पटना को 33.50 करोड़ रुपये की वसूली करनी है, जबकि सबसे कम वसूली का लक्ष्य अरवल का है. अरवल को तीन करोड़ वसूली का लक्ष्य दिया गया है. कोविड की वजह से लगान वसूली और सैरात से होनेवाली आय में कमी आयी है. विभाग अब शत प्रतिशत वसूली की कोशिश कर रहा है.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

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