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नयी शिक्षा नीति : बिहार के 240 ब्लॉकों में एक भी उच्च शिक्षण संस्थान नहीं, ग्रॉस इंरॉलमेंट रेशियो को बढ़ाना आसान नहीं

नयी शिक्षा नीति के तहत शिक्षा विभाग अगले पांच साल में ग्रॉस इंरॉलमेंट रेशियो (जीइआर) वर्तमान से दो गुना से अधिक करने का प्रस्ताव है. 2025 तक जीइआर 13.6 से बढ़ाकर 29.4 करना है.

By Prabhat Khabar Print Desk
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भारत की नयी शिक्षा नीति
भारत की नयी शिक्षा नीति

पटना : नयी शिक्षा नीति के तहत शिक्षा विभाग अगले पांच साल में ग्रॉस इंरॉलमेंट रेशियो (जीइआर) वर्तमान से दो गुना से अधिक करने का प्रस्ताव है. 2025 तक जीइआर 13.6 से बढ़ाकर 29.4 करना है.

जीइआर 18 से 23 साल के वयस्क युवाओं की प्रति सौ की आबादी पर गिना जाता है. राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद ने शीर्ष अफसरों के समक्ष बीते रोज किये गये प्रेजेंटेशन में जीइआर लेवल को बढ़ाने के लिए जरूरी संसाधन जुटाने की बात भी कही है.

हालांकि शिक्षा विभाग को अभी इस पर अंतिम निर्णय लेना बाकी है. उल्लेखनीय है कि देश का औसत जीइआर 26 है. उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 18 से 23 साल के उम्र के बच्चों की संख्या एक करोड़ दस लाख है.

इसमें केवल 16 लाख बच्चे ही प्रदेश की उच्च शिक्षण संस्थाओं में नामांकित होते हैं. प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थाओं में कुल नामांकित बच्चों की संख्या 16,07,008 है. वर्ष 2025 में नामांकन की संख्या 38,41955 हो जायेगी.

लिहाजा 18 से 23 साल के वयस्कों विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए समुचित इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बढ़ाना होगा. जानकारी हो कि वर्तमान में जितने नामांकित विद्यार्थी हैं, उनमें दो लाख विद्यार्थियों को बिठाने का इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है.

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 240 ब्लॉक ऐसे हैं,जहां एक भी परंपरागत उच्च शिक्षण संस्थान या गैर पारंपरिक उच्च शिक्षण संस्थान नहीं हैं. हालांकि इस दिशा में शिक्षा विभाग बड़े प्रयास करने जा रहे हैं.

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक प्रदेश में जीइआर और दूसरे शैक्षणिक मापदंडों में हम देश के बड़े राज्यों में सबसे निचले पायदान पर हैं. उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की संख्या 11% है, जबकि प्रदेश में इस वर्ग की आबादी 13% है.

पांच साल में बेहतर काम होंगे

प्रदेश के उच्च शिक्षा में अगले पांच साल में बेहतर काम किये जाने हैं. विभाग की मंशा है कि न केवल जीइआर में अपेक्षित बढ़ोतरी की जाये, बल्कि आधारभूत संरचना की दिशा में काम किया जाये. इसके लिए शार्ट टर्म एवं लांग टर्म दो तरह के प्लान बनाये गये हैं. प्लान का प्रेजेंटेशन किया गया है.

हालांकि औपचारिक तौर पर इसे अभी अंतिम रूप दिया जाना है. शिक्षा विभाग के विशेष सचिव सतीश चंद्र झा ने कहा कि इस पर उच्च स्तरीय विमर्श चल रहा है. प्लान में उच्च शिक्षण संस्थाओं का जाल बुना जायेगा, जिससे बिहार के युवक बिहार में बेहतर उच्च शिक्षा मिल सके. सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रही है.

Posted by Ashish Jha

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