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राज्यरानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से मां-बेटी की मौत, ट्यूशन से घर लौटते समय छोटी बेटी ने शव को पहचाना

घटना के बाद ट्रैक पर मां-बेटी के शव रहने के कारण भागलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस करीब आधे घंटे तक फतुहा स्टेशन पर रुकी रही. पटरी से शव हटाये जाने बाद ट्रेन परिचालन शुरू हुआ.

By Prabhat Khabar Print Desk
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घटनास्थल पर जुटी भीड़
घटनास्थल पर जुटी भीड़
प्रभात खबर

फतुहा. दानापुर रेल मंडल के पटना झाझा रेलखंड पर फतुहा स्टेशन के समीप राज्यरानी ट्रेन की चपेट में आने से स्टेशन के पश्चिमी छोर पर शुक्रवार को एक साथ मां-बेटी की मौत हो गयी. मृतका की पहचान खुसरूपुर थाना क्षेत्र के खिरोधरपुर गांव निवासी स्व भोनू राय की पत्नी कांति देवी (50 वर्ष) एवं उसकी पुत्री मीनू कुमारी (20 वर्ष )के रूप में हुई जो कि वर्तमान में फतुहा के सोनारू मोहल्ले में किराये के मकान में रहती थी. घटना के बाद ट्रैक पर मां-बेटी के शव रहने के कारण भागलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस करीब आधे घंटे तक फतुहा स्टेशन पर रुकी रही. पटरी से शव हटाये जाने बाद ट्रेन परिचालन शुरू हुआ.

घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गयी

जानकारी के अनुसार, पटना जाने के लिए मां-बेटी सोनारू से रेल लाइन किनारे से चल कर फतुहा स्टेशन आ रही थी, तभी अप लाइन से गुजर रही राज्यरानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गयी, जिससे घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गयी. इसी क्रम में कांति देवी की छोटी बेटी निशा कुमारी जो फतुहा बाजार से ट्यूशन पढ़ कर सोनारू अपने घर जा रही थी, मां और बहन के शवों को देख दहाड़ मारकर रोने लगी और सदमे से बार-बार बेहोश हो जा रही थी. वहां मौजूद पुलिस व ग्रामीणों ने निशा को रेल थाने में बैठाकर परिजनों को घटना की सूचना दी.

सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया

सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. परिजनों ने बताया कि मृतिका कांति देवी अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए पैतृक गांव खिरोधरपुर छोड़कर फतुहा के सोनारू मोहल्ले में किराये के मकान में रहती थी. इनकी तीन बेटियां और एक बेटा है, जिसमें हादसे का शिकार हुई मीनू बीए सेकेंड इयर की छात्रा थी. वहीं कांति देवी निजी अस्पताल में नर्स थी. घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ इंस्पेक्टर राकेश कुमार, स्टेशन प्रबंधक रणजीत कुमार, रेल थानाध्यक्ष भरत उरांव दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच शवों को कब्जे में उसे पोस्टमार्टम के पटना भेज दिया.

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