भूमि सुधार मंत्री आलोक मेहता बोले- बिहार में भूमिहीनों को जल्द मिलेगी जमीन, बड़े पैमाने पर होगी बहाली
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Nov 2022 7:28 PM
Bihar Politics: शनिवार को भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री आलोक मेहता ने प्रभात खबर के संवाद कार्यक्रम में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने बिहार की वर्तमान राजनीति से लेकर सभी मुद्दों पर खुलकर बात की.
Bihar news: भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री आलोक मेहता ने शनिवार को प्रभात खबर के कार्यालय में आयोजित प्रभात संवाद कार्यक्रम में बिहार की राजनीति, रोजगार, अपराध एवं जमीनी विवाद से जुड़े मामले पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि बिहार में भूमि सुधार एक मूल समस्याओं में से एक है. लगभग 50-60 प्रतिशत हिंसक अपराधों की जड़ें भूमि विवादों में ही है.
भूमि सुधार मंत्री आलोक मेहता ने पत्रकारों के सावल का जवाब देते हुए कहा कि बिहार के लोग भावनात्मक होते हैं. पूर्वजों के जमीन से लोगों को खास जुड़ाव होता है. इस वजह से लोगों में ईष्या, द्वेष और टकराव की स्थिति बनती है. राज्य में भूमि विवाद संबंधी समस्याओं को कम करने के लिए नये सिरे से पहल किया जा रहा है. इसके लिए बिहार में एरियल सर्वे का काम चल रहा है. सर्वे का काम पूरा होने के बाद आधा विवाद खुद समाप्त हो जाएगा.

आलोक महेता ने आगे कहा कि भारत सरकार ने जमीन मापी का एक स्टेंडर्ड तय किया है. इसी आधार पर भूमि सर्वे का काम चल रहा है. 2024 तक डिजिटल एयर सर्वे का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. नए नक्शे को सरकार की बेबसाइट और पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा. जो भी व्यक्ति अपने मकान या जमीन का नक्शा लेना चाहेगा, कंप्यूटर पर एक बटन क्लिक कर नक्शे को निकाल सकेगा.

वहीं, भूदान और सरकारी जमीनों की पहचान को लेकर मंत्री आलोक मेहता ने कहा कि जिन लोगों के पास बासगीत पर्चा होने के बाद भी जमीन से बेदखल कर दिया गया है. ऐसे लोगों की पहचान की गयी है. ऐसे लोगों को फिर से जमीन पर कब्जा दिलाया जाएगा. भूदान और सरकारी जमीन की भी पहचान की जाएगी.
आलोक महेता ने दाखिल-खारिज में आ रही समस्याओं को लेकर कहा कि जमीनी दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन होने से जमीन विवाद के मामलों में काफी कमी आयेगी. दाखिल-खारिज को लेकर पहले आओ-पहले पाओ सर्विस के आधार पर कार्यप्रणाली बनायी जा रही है. इस प्रणाली के तहत काम नहीं करने वाले सीओ से इसका जवाब मांगा जाएगा. उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने पर खासतौर से फोकस किया जा रहा है. रसीद कटाने जैसी कई गतिविधियां ऑनलाइन हो गयी हैं.
भूमि सुधार मंत्री ने आगे कहा कि दाखिल-खारिज समेत अन्य कई कार्यों में शिकायतों को दूर करते हुए न्याय दिलाने पर जोर दिया जायेगा. राजस्व से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए अधिकारियों को शिविर लगाने के निर्देश दिये गये हैं. जो भी कमियां है, उसे तत्काल दूर किया जाएगा. शिकायतकर्ताओं से अच्छा व्यवहार हो, लोगों की समस्याएं सुनी जाए, कानून पूरक कार्य हो. इसके लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिये गये हैं.
उन्होंने कहा कि एक राजस्व कर्मी पर तीन से चार पंचायतों का लोड है. इसके लिए दस हजार पदों पर बहाली चल रही है. तीन से चार माह में बहाली प्रकिया संपन्न हो जाएगी. इसके बाद सभी कर्मियों को कंप्यूटर मुहैया कराया जाएगा. जिससे डिजिटल मोड में तेजी से काम हो सके. इसके अलावे कर्मियों को अमीन का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा. जिससे लोगों की बेहतर सुविधाएं मिलेगी.
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