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कुली शिव कुमार की फर्राटेदार अंग्रेजी के विदेशी भी हैं कायल, बोझ उठाने के साथ पर्यटकों को देते हैं जानकारी

जंक्शन पर मौजूद कई कुलियों के बीच एक हैं शिव कुमार गुप्ता. यूं ताे शिव कुमार भी सभी कुलियों की जहां जंक्शन पर काम करनेवाले कुली शुद्ध रूप से हिंदी भी बोल, पढ़ या लिख नहीं पाते हैं, वहीं शिव कुमार फर्राटेदार अंग्रेजी में बात करते हैं.

By Prabhat Khabar Print Desk
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शिव कुमार गुप्ता
शिव कुमार गुप्ता
प्रभात खबर

प्रसनजीत, गया. गया जंक्शन पर मौजूद कई कुलियों के बीच एक हैं शिव कुमार गुप्ता. यूं ताे शिव कुमार भी सभी कुलियों की तरह ही सामान्य ही दिखते हैं, लेकिन उनकी एक प्रतिभा उन्हें विशिष्ट बनाती है. जहां जंक्शन पर काम करनेवाले कुली शुद्ध रूप से हिंदी भी बोल, पढ़ या लिख नहीं पाते हैं, वहीं शिव कुमार फर्राटेदार अंग्रेजी में बात करते हैं.

अंग्रेजी अखबार और मैगजीन भी पढ़ते हैं. पिछले 40 साल से बतौर कुली गया जंक्शन पर काम कर रहे शिव कुमार विदेशी मेहमानों (टूरिस्ट) से लेकर हाइ क्लास सोसाइटी के लोगों को सर्विस देते हैं. उनके सामान को पहुंचाने के साथ-साथ अंग्रेजी में उनसे बात कर गया के बारे में बताते भी हैं.

श्री गुप्ता कहते हैं कि वर्क इज वर्शिप एंड ड्यूटी इज गाॅड. वह कहते हैं-उनकी अंग्रेजी सुन कर कई लोग उन्हें कोई दूसरा काम करने को कहते हैं, लेकिन काम कौन देगा या कहां मिलेगा यह कोई नहीं बताता.

सभी कुलियों को मिलती है मदद

जंक्शन पर काम करने वाले दूसरे कुलियों को भी शिव कुमार गुप्ता की खूब मदद मिलती है. दूसरे कुली बताते हैं कि जब कोई ऐसा यात्री गया जंक्शन पर पहुंचता है, जिसे हिंदी नहीं आती है, वह केवल अंग्रेजी जानता है, तो उसके लिए शिव कुमार मददगार बनते हैं.

एक बुजुर्ग महिला ने बदला जीवन

शिव कुमार गुप्ता कहते हैं कि जब उन्होंने कुली का काम शुरू किया था तो उन्हें कई प्रकार की बुरी लतें लग गयी थीं. वह शराब भी पीते थे. इसी बीच उन्हें जानने वाली एक बुजुर्ग महिला ने उन्हें समझाया कि कोई भी काम करो, लेकिन अपने जीवन को व्यवस्थित रखो, समाज के प्रति सोचो और अपना व्यवहार बदलो.

इसके बाद शिव कुमार ने बुरी लतों को छोड़ दिया और अपने मुहल्ले व आसपास बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया. जिन बच्चों को उन्होंने पढ़ाया, वे सभी किसी-न-किसी क्षेत्र में अच्छा कर रहे हैं.

Posted by Ashish Jha

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