गंगोत्सव में संगीत की दो धाराएं प्रवाहित कर उतारी गंगा की कला आरती

कथक और भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति के बीच उत्तर व दक्षिण के संगीत के समागम से कंगन घाट पर संगीत की दो धाराएं प्रवाहित हुई.

प्रतिनिधि, पटना सिटी

कथक और भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति के बीच उत्तर व दक्षिण के संगीत के समागम से कंगन घाट पर संगीत की दो धाराएं प्रवाहित हुई. मौका था सनातनी गंगा फाउंडेशन व आइडीपीटीएस की ओर से बिहार सांस्कृतिक गौरव गंग कला आरती गंगोत्सव का. गंगोत्सव के मुक्त कला मंच पर संस्था के संस्थापक कैप्टन प्रवीण कुमार, मुख्य संयोजक सह महापौर प्रतिनिधि शिशिर कुमार के नेतृत्व में मां गंगा की कला आरती हुई. आरती से पहले कोलकाता से पधारी नृत्यांगाना सोमा मंडल ने भरतनाट्यम नृत्य में गंगा अवतरण को प्रस्तुत करते भागीरथ की तपस्या से मां गंगा की धरती पर आगमन की कथा को प्रस्तुत किया. रांची दूरदर्शन के कथक नर्तक अमित कुमार व पटना दूरदर्शन के कथक नर्तक राजा कुमार ने आनंद तांडव आधारित शिव वंदना, डमरू कर बाजे प्रेम मगन नाचे भोला से कथक की शुरुआत करते हुए पारंपरिक शैली में उपज, आमद, तोड़ा, परन की प्रस्तुति से समा बांध दिया. शास्त्रीय गायिका श्रेया पांडेय व गायक अजीत पांडेय ने राग शिव रंजनी में मां गंगा की बंदिश, दादरा मग रोके कन्हैया बे पीर व हे गंगा मैया तोहे पियरी चढइबो प्रस्तुत कर दर्शकों को मुग्ध कर दिया. आयोजन में गंगा सेवा दल समन्वय समिति के अध्यक्ष डॉ राजीव गंगौल, महासचिव पंडित राजेश शुक्ला टिल्लू, सुजीत कसेरा, विकास राज जायसवाल, गंगोत्सव संयोजक सुजीत वर्मा, संदीप कुमार ने विशिष्ट सम्मान से कलाकारों को नवाजा. सम्मान पाने वालों में गायिका विदुषी बिमला देवी, डॉ पल्लवी विश्वास, रतनाट्यम नृत्यांगाना डॉ सुदीपा बोस, ओडिशी नृत्यांगाना इमली दासगुप्ता, नीरज मिश्र, सूरज कांत पांडेय, गायिका श्रेया पांडेय, गायक अजीत व भरतनाट्यम नृत्यांगाना सोमा मंडल समेत अन्य को सम्मानित किया गया.

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By MAHESH KUMAR

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