1. home Home
  2. state
  3. bihar
  4. patna
  5. in patna the treatment of a female patient was being done by tying hands and feet two doctors in custody after death

पटना में हाथ-पैर बांध कर हो रहा था महिला मरीज का इलाज, मौत के बाद दो डॉक्टर हिरासत में

छठ के बीच पटनासिटी से मरीज के साथ दुर्व्यवहार और इलाज में लापरवाही से हुई मौत का मामला सामने आया है. पटनासिटी के मोर्चा रोड स्थित लक्ष्मी इमरजेंसी हॉस्पिटल में एक महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया.

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
हिरासत में
हिरासत में
सांकेतिक

पटना. छठ के बीच पटनासिटी से मरीज के साथ दुर्व्यवहार और इलाज में लापरवाही से हुई मौत का मामला सामने आया है. पटनासिटी के मोर्चा रोड स्थित लक्ष्मी इमरजेंसी हॉस्पिटल में एक महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया.

अस्पताल में तोड़फोड़ के साथ अस्पताल के दो डॉक्टरों के साथ जम कर मारपीट की गयी. नर्स के साथ भी बदसलूकी हुई. सूचना मिलते ही चौक थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मसक्कत के बाद मामले को शांत किया गया. दो डॉक्टर और मृतका के पति एवं पिता को थाने में रखा गया है.

घटना के बारे में बताया जाता है कि बख्तियार पुर के शालिमपुर थाना क्षेत्र स्थित मिल्कीपर गॉव निवासी 30 वार्षिक चिंकीं देवी को बेचैनी की हालात में जौंडिस के इलाज के लिए मंगलवार की सुबह नौ बजे लक्ष्मी इमरजेंसी हॉस्पिटल मोर्चा रोड में भर्ती किया गया था. इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गयी.

आज सुबह जैसे ही परिजनों को सूचना मिली तो दर्जनों लोग अस्पताल पहुंचे और अस्पताल की लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे. मृतका के पति धनंजय कुमार ने बताया कि अस्पताल में एडमिट करने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने उनकी पत्नी का हाथ पैर बांध दिया.

अल्ट्रासाउंड के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं की गयी. मरीज के ढाई घण्टे तक तड़पने के बाद कहा गया कि एम्बुलेंस नहीं मिल रहा है. उसके बाद टेम्पो से राजेंद्र नगर जाकर अल्ट्रासाउंड करवाया गया. वहां रिपोर्ट में कुछ नहीं निकला. मरीज पानी मांगती रही लेकिन डॉक्टर ने हाथ नहीं खोला.

आज सुबह बताया गया कि मरीज की मौत हो गयी है. डॉक्टर ने बताया कि मरीज की हार्ट अटैक से मौत हुई है. मरीज बेचैनी स्थिति में थी इस लिए पैर हाथ बांधा गया था. मृतका के पिता ने बताया कि मेरी बेटी पैर हाथ बांधने के कारण हार्ट अटैक हो गया.

मेरी बेटी कई बार पैर हाथ खोलने के लिए मिन्नत करती रही, लेकिन यहाँ के लोग नहीं खोले और हमलोगों से कि ऐसे ही इलाज होता है हमारे यहाँ ठीक नहीं होगा तो कही भी ठीक नहीं होगा. उन्होंने बताया कि यहां के डॉक्टर और नर्स की लापरवाही की वजह से मेरी बेटी की मौत हुई है.

वही इस मामले पर चौक थानाध्यक्ष गौरीशंकर गुप्त ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण करने के लिए अस्पताल के दो डॉक्टर को हिरासत में ले लिया गया है. अभी परिजनों ने लिखित आवेदन नहीं दिया है. आवेदन मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी.

Posted by Ashish Jha

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें