तमन्नाओं में उलझाया गया हूं...

विधान परिषद के सभापति ने भी सदन में सुनायी शायरी, मंत्री पर चुटकी भी ली

विधान परिषद के सभापति ने भी सदन में सुनायी शायरी, मंत्री पर चुटकी भी ली संवाददाता, पटना विधान परिषद की दूसरी पाली में बुधवार को शायरियों का दौर चला. इस दौरान विधान परिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह ने भी एक शेर पढ़ा. तमन्नाओं में उलझाया गया हूं… खिलौने देकर फुसलाया गया हूं…क्यों न जाऊं मुंह छिपाकर, भरी महफिल से उठवाया गया हूं…, सभापति की इस शायरी का सदस्यों ने मेज थप-थपाकर स्वागत किया. राजद के डॉ सुनील सिंह सदन में शायरी पढ़ रहे थे. तभी उनको रूकवाकर सभापति ने अपनी शायरी पढ़ी. सभापति ने मंत्री विजय चौधरी पर भी चुटकी ली. विजय चौधरी एक सवाल का जवाब देने के दौरान कह रहे थे कि ये अंतिम बिंदु तक नहीं आ पायेंगे. तभी सभापति ने कहा कि मंत्री जी अभी वंदे भारत पर सवार होकर आये हैं. कर्मचारियों के संदर्भ में एक जानवर का नाम लेने की बात कार्यवाही से हटी : वंशीधर ब्रजवासी कर्मचारियों को लेकर सदन में अपनी बात रख रहे थे. इसी दौरान एक जानवर का नाम लेकर कहा कि इतने पैसे से उसका भी पेट नहीं पल सकता है. कुछ ही क्षण में सभापति ने श्री ब्रजवासी को टोका. कहा कि क्या आप कर्मचारियों की तुलना उस जानवर से कर रहे हैं क्या. सभापति ने तुरंत इसे सदन की कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया. सत्ता पक्ष मंत्री का भी प्रतिवेदन पटल पर रख देने का कर रहा था इशारा…. सहकारिता मंत्री डॉ प्रेम कुमार लगातर बोले जा रहे थे. उनका भाषण लंबा हो रहा था. तभी सत्ता पक्ष के सदस्य भी बार-बार प्रतिवेदन को पटल पर रखने का इशारा कर रहे थे. उनके पास बैठे मंत्री से भी संदेश पहुंचवा रहे थे. ये सिलसिला काफी देर तक चला. फिर सभापति ने पटल पर ये प्रतिवेदन रखने की बात कही.

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By RAKESH RANJAN

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