लालू का मुझ पर अत्याचार नहीं होता, तो आज मुख्यमंत्री नहीं होता : सम्राट
नीतीश कुमार नहीं होते, तो लालू प्रसाद कभी बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बनते.
संवाददाता,पटनामुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं होती. कोई किसी की पाठशाला से नहीं आता. सच तो यह है कि यदि लालू प्रसाद का मुझ पर अत्याचार नहीं होता तो आज मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं होता. मुझ पर किये गये अत्याचार को लेकर उन्होंने मिलर स्कूल में सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी. इसके पहले विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा था कि सम्राट चौधरी लालू प्रसाद की पाठशाला से निकले हुए हैं. इसके जवाब में अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार की इच्छा थी कि वे बिहार का मुख्यमंत्री बनें, जिससे वे इनकार नहीं करते. मुख्यमंत्री का पद 14 करोड़ बिहारवासियों का आशीर्वाद है. इसलिए मैं यहां बैठा हूं.
जो लोग अपनी ही बहनों का सम्मान नहीं कर सकते, उनसे दूसरों का सम्मान करने की अपेक्षा नहीं की जा सकती: भाजपा की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, दो बार उपमुख्यमंत्री और अब मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया. मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा जो लोग अपनी ही बहनों का सम्मान नहीं कर सकते, उनसे दूसरों का सम्मान करने की अपेक्षा नहीं की जा सकती.सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि कोई उन पर व्यक्तिगत हमला करेगा तो उसको उसी भाषा में जवाब मिलेगा. सम्राट ने कहा कि लालू प्रसाद बड़े नेता हैं. इसमें कोई संदेह नहीं, लेकिन उन्होंने हमेशा केवल अपने लिए काम किया. उन्होंने दावा किया कि लालू प्रसाद पहली बार भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आशीर्वाद से ही मुख्यमंत्री बने थे. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनके पिता शकुनी चौधरी समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे, जो जनता दल (यूनाइटेड) का पूर्व स्वरूप थी.उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार नहीं होते, तो लालू प्रसाद कभी बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बनते.
