Flood in Danapur : दानापुर में गंगा के जलस्तर में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही वृद्धि से दियारा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. रविवार को दानापुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 5 इंच ऊपर पहुंच गया. नदी के उफान के कारण दियारे के निचले और तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है. दर्जनों घरों में पानी घुस चुका है, जबकि सैकड़ों बीघे में लगी फसल डूब गई है. इससे किसानों और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है.
छह पंचायतों के दर्जनों गांव बाढ़ से घिरे
दियारा क्षेत्र की गंगहरा, हेतनपुर, पतलापुर, कासीमचक, पुरानी पानापुर, मानस और अकिलपुर पंचायतों के दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं. ग्रामीणों के अनुसार सड़कों पर दो से ढाई फुट और खेतों में तीन से चार फुट तक पानी जमा है. मकई और हरी सब्जियों की फसल पानी में डूब गई है.
सरकारी स्कूलों में भी घुसा बाढ़ का पानी
दियारा क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक सरकारी स्कूलों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है. इससे स्कूल पहुंचने में शिक्षकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है.
167.20 फुट दर्ज हुआ गंगा का जलस्तर
बाढ़ नियंत्रण केंद्र के अनुसार रविवार शाम देवनानाला में गंगा का जलस्तर 167.20 फुट दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 5 इंच ऊपर है. कनीय अभियंता ने बताया कि गंगा के जलस्तर में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है. इलाहाबाद में गंगा का जलस्तर घट रहा है, जबकि बनारस में स्थिति स्थिर है. बक्सर में जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे दानापुर में भी गंगा के जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है.
स्लुइस गेट और फाटक किए गए बंद
कनीय अभियंता ने बताया कि शहरी और सेना क्षेत्र के सभी स्लुइस गेट और फाटक बालू भरे बोरों से बंद कर दिए गए हैं. गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि पर विशेष नजर रखी जा रही है. इंद्रपुरी में सोन नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया गया है.
प्रशासन बाढ़ को लेकर सजग
एसडीओ अनिरुद्ध पांडेय ने बताया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन सजग है. उन्होंने कहा कि अभी तक जिला प्रशासन की ओर से सरकारी स्तर पर नाव परिचालन का आदेश नहीं आया है.
