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Bihar News: काली कमाई से करोड़पति बने पूर्व सीओ और दारोगा, विजिलेंस की छापेमारी में खुली पोल

आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीम ने आय से अधिक संपत्ति मामले में पालीगंज के पूर्व सीओ और थानेदार के ठिकानों पर छापेमारी की. ये दोनों पदाधिकारियों के पटना एवं गया स्थित सभी स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गयी. ये दोनों पदाधिकारी करोड़पति निकले है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
काली कमाई से करोड़पति बने पूर्व सीओ और दारोगा
काली कमाई से करोड़पति बने पूर्व सीओ और दारोगा
प्रतीकात्मक फोटो.

पटना. बालू के अवैध कारोबार से काली कमाई करने वाले दो पदाधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) की टीम ने एक साथ छापेमारी की. इसमें पालीगंज के तत्कालीन सीओ राकेश कुमार और भोजपुर के संदेश के तत्कालीन थाना प्रभारी पंकज कुमार शामिल हैं. ये दोनों पदाधिकारी वर्तमान में निलंबित चल रहे हैं. पिछले वर्ष बालू के अ‌वैध खनन में संलिप्त अधिकारियों के नाम सामने आने के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की गयी थी. इस कारण ये लोग भी अपने ऊपर छापेमारी की आशंका को लेकर सतर्क थे.

सीओ का पटना में करोड़ों का मकान

पालीगंज के तत्कालीन सीओ राकेश कुमार के पटना स्थित रूपसपुर में सर गणेश दत मोहल्ला में मौजूद तीन मंजिला आलीशान मकान में तलाशी ली गयी. इस मकान और जमीन का सरकारी मूल्य डेढ़ करोड़ से ज्यादा है. जबकि इसका बाजार मूल्य इससे कहीं ज्यादा है. यहां से बैंक खाते, कई स्थानों पर निवेश से जुड़े कागजात और पिता के नाम से खरीदी गयी एक वैगन-आर गाड़ी मिली है. इस गाड़ी की खरीद पर पांच लाख 66 हजार 213 रुपये खर्च किये गये हैं. इन्होंने अपने खाते से दो लाख 16 हजार रुपये इसके लिए ट्रांसफर किये हैं. पत्नी के नाम से मौजूद एक बैंक खाते में एक लाख 40 हजार रुपये जमा मिले हैं. यहां से जितने कागजात और खाते जब्त किये गये हैं, उनकी सघन जांच चल रही है. इसके बाद अवैध कमाई के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी.

अवैध संपत्ति का दायरा बढ़ने की संभावना

अब तक की जांच में उनके खिलाफ 22 लाख 13 हजार रुपये की अवैध कमाई का पता चला है, जो उनकी आय के वैध स्रोत से 62 फीसदी अधिक है. उनके पैतृक आवास गया के शास्त्रीनगर रोड नंबर-1, रामपुर गोरिया स्थान में मौजूद घर की भी तलाशी ली गयी. यहां से निवेश से संबंधित कई संवेदनशील दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है. राकेश कुमार जनवरी 2014 में सरकारी सेवा में आये. इस पद पर योगदान के बाद झाझा, जमुई, औरंगाबाद, पालीगंज, पटना, घोषी, जहानाबाद में तैनात रहे हैं. इन दौरान भी इन्होंने पद का दुरुपयोग कर काफी कमाई की है. इससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच अभी चल रही है. इसके बाद इनकी अवैध संपत्ति का दायरा बढ़ने की संभावना है.

2009 बैच के दारोगा को 57 लाख मिले वेतन से, बना ली 81 लाख की संपत्ति

ईओयू की दूसरी कार्रवाई संदेश के तत्कालीन थाना प्रभारी पंकज कुमार के खिलाफ की गयी. 2009 बैच के इस दारोगा को अब तक वेतन से 57 लाख रुपये मिले, लेकिन अवैध कमाई की बदौलत 81 लाख 49 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जमा कर ली. यह इनके वास्तविक आय के स्रोत से 136 प्रतिशत अधिक है. गया के छोटकी नवादा इलाके के कॉटन एवं जूट मिल के पास बालाजी नगर में पत्नी के नाम पर करीब साढ़े तीन डिसमिल जमीन की खरीद कर दो मंजिला मकान बनाया गया है. जमीन की सरकारी कीमत और मकान को मिलाकर इसका मूल्य करीब 35 लाख आंकी जा रही है. यहां तलाशी के दौरान पैतृक गांव पर जमीन खरीद, कई स्थानों पर निवेश और बैंक से जुड़े कई दस्तावेज मिले हैं. इनकी फिलहाल जांच चल रही है.

इसके बाद इनमें निवेश की सही जानकारी मिलेगी. पत्नी के नाम से एक बैंक खाते में 58 लाख 82 हजार से अधिक रुपये जमा हैं. पंकज कुमार गया जिला के कोंच थाना के डुमरा गांव के रहने वाले हैं. यहां पत्नी के नाम से 34 कट्ठा कृषि जमीन की खरीद की है, जिसका सरकारी मूल्य आठ लाख एक हजार है. बाजार मूल्य इससे अधिक है. इनके पास से मारूति ब्रेजा गाड़ी भी मिली है, जिसकी कीमत 12 लाख 26 हजार से अधिक है. यह गाड़ी इन्होंने अपने रिश्तेदार के नाम पर खरीद रखी है. जबकि इनके नाम पर 50 हजार रुपये में खरीदी एक पैसन मोटरसाइकिल ही है. फिलहाल इनके पास से बरामद सभी कागजातों की जांच चल रही है. इसके बाद इनकी अवैध संपत्ति का दायरा बढ़ेगा.

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