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कोरोना के कारण भूमि सर्वे का फील्ड वर्क ठप, अब तक सबसे बेहतर प्रदर्शन सुपौल का, पश्चिमी चंपारण दूसरे स्थान पर

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
भूमि सर्वे
भूमि सर्वे
फाइल

पटना. राज्य में बीस जिलों में चल जमीन का विशेष सर्वेक्षण कार्य कोरोना के कारण पटरी से उतर गया है. करीब अप्रैल- मई दो माह से फील्ड वर्क पूरी तरह से ठप हो गया है. महामारी के डर से कर्मचारी गांव में नहीं जा रहे हैं. यदि कोई कर्मचारी साहस दिखाकर गांव पहुंच भी जा रहा है, तो ग्रामीण ऐसे हालात कर दे रहे हैं कि वह गांव छोड़ने को विवश हो जा रहा है. आला अधिकारियों तक इस तरह की शिकायत भी पहुंची है.

वहीं, अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने सर्वे के कार्य की समीक्षा में कई जिलों की स्थिति को खराब पाया है. समीक्षा में पाया गया कि हर महीने होने वाली बैठक और कार्यालय में बैठकर किया जाना वाला भूमि बंदोबस्त जैसे काम में तो सभी बीस जिलों ने अच्छा काम किया है. जो काम गांव में जाकर ही किये जा सकते हैं उनमें अधिकतर जिलेे के अंक बहुत कम हैं. सीमान का सत्यापन में 10 जिले ही पास हुए हैं.

चहारदीवारी - नक्शा अपडेट करने जैसे काम किसी भी जिला ने पूरा नहीं किया है. इसके बावजूद मई के अंतिम सप्ताह तक हुए काम की समीक्षा के आधार पर विशेष सर्वे में सबसे बेहतर प्रदर्शन सुपौल ने किया है. फरवरी की रैंकिंग में यह तीसरे नंबर पर था. पश्चिमी चंपारण दूसरे और शेखपुरा तीसरे स्थान पर बने हुए हैं. इसके विपरीत सबसे खराब प्रदर्शन वाले पांच जिलाें में पहले नंबर पर शिवहर, दूसरे पर अररिया, कटिहार, किशनगंज और खगड़िया हैं.

सीतामढ़ी ने अपने काम में सुधार किया है. फरवरी में यह सबसे निचले पायदान पर था. इस बार यह सबसे खराब काम करने वाले पांच जिलों की सूची से बाहर आ गया है. अरवल और मधेपुरा ने भी काम में सुधार किया है. अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने बिहार विशेष सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा की गयी. बैठक में सर्वे निदेशालय द्वारा तैयार दो ऑनलाइन रिपोर्टिंग सिस्टम, कैंप इन्वेंटरी मैनेजमेंट सिस्टम (सीआइएमएस) और कैंप विजिट मॉनीटरिंग सिस्टम (सीवीएमएस) के बारे में विस्तार से चर्चा हुई.

हाइ रिजॉल्यूशन कैमरों की मदद ली जा रही

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विशेष सर्वे के दौरान टेक्चुअल के साथ स्पेशियल डाटा भी अपलोड कर रहा है. इस काम में हवाई सर्वे करने वाली कंपनियों की मदद ली जा रही है. मैपिंग - सर्वे में किसी भी तरह की कमी न रहे इसके लिए हवाई जहाज से हाइ रिजॉल्यूशन कैमरों की मदद से तस्वीर ली जा रही है. रियल टाइम सर्वे का काम पूरा होने के बाद नया नक्शा प्रकाशित कर दिया जायेगा. इससे एक ही जमीन की दो जमाबंदी जैसी गड़बड़ी और खतियान के फर्जीवाड़ा पर अंकुश लग जायेगा.

Posted by Ashish Jha

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