Bihar Politics: बिहार में राज्यसभा चुनाव के दौरान सियासी ड्रामा देखने को मिला. फैसल रहमान ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ जाकर वोटिंग से दूरी बना ली. उन्होंने मां की बीमारी का हवाला दिया और महागठबंधन के उम्मीदवार को वोट नहीं दिया. इसका सीधा असर नतीजों पर पड़ा और उम्मीदवार की हार हो गई.
कांग्रेस के तीन विधायक भी रहे गायब
इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस के तीन विधायक भी वोटिंग से दूर रहे. इससे महागठबंधन की स्थिति और कमजोर हो गई. अब कांग्रेस अपने विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है. पार्टी स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जा रहा है.
NDA ने मारी बाजी, पांचों सीटों पर जीत
सोमवार, 16 मार्च को बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए मतदान हुआ. नतीजों में एनडीए ने क्लीन स्वीप कर दिया. महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह का दूसरी बार राज्यसभा जाने का सपना टूट गया. बताया जा रहा है कि महागठबंधन के चार विधायकों की अनुपस्थिति इसकी बड़ी वजह बनी.
तेजस्वी यादव पर बढ़ा दबाव
इस पूरे मामले के बाद तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं. पार्टी के भीतर भी चर्चा है कि क्या फैसल रहमान के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी या नहीं. राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा अब गर्म हो चुका है.
बीजेपी की खुली चुनौती
बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला है. नीरज कुमार ने बयान जारी कर कहा कि अगर तेजस्वी यादव में दम है, तो वे फैसल रहमान को पार्टी से निकालकर दिखाएं. उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसा करने पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का समीकरण बदल सकता है. यानि नेता विपक्ष की कुर्सी जा सकती है.
अब आगे क्या? कार्रवाई पर टिकी नजरें
पूरे बिहार में अब यही सवाल उठ रहा है कि पार्टी विरोधी गतिविधि के आरोप में फैसल रहमान पर क्या कार्रवाई होगी. अगर कोई सख्त कदम उठाया जाता है, तो इसके राजनीतिक असर भी दूर तक दिख सकते हैं. फिलहाल, सबकी नजरें तेजस्वी यादव के अगले कदम पर टिकी हैं.
