1. home Home
  2. state
  3. bihar
  4. patna
  5. driving licence test mein paas phel ab emaveeaee kee nahin computer kee chalegee marjee rdy

Driving License Test: ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट में पास-फेल अब एमवीआई की नहीं, कंप्यूटर की चलेगी मर्जी, जानें...

पटना. राज्य भर में अगले वर्ष से ड्राइविंग टेस्ट पूरी तरह से ऑनलाइन हो जायेगा, जिसके बाद टेस्ट पास-फेल का प्रमाणपत्र एमवीआइ नहीं, कंप्यूटर देगा. इसके बाद सभी एमवीआइ को सिर्फ कंप्यूटर के माध्यम से दिया गया प्रमाणपत्र पर काउंटर साइन करना होगा.

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट में पास-फेल अब एमवीआई की नहीं
ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट में पास-फेल अब एमवीआई की नहीं
Twitter

Driving License Test: पटना. राज्य भर में अगले वर्ष से ड्राइविंग टेस्ट पूरी तरह से ऑनलाइन हो जायेगा, जिसके बाद टेस्ट पास-फेल का प्रमाणपत्र एमवीआइ नहीं, कंप्यूटर देगा. इसके बाद सभी एमवीआइ को सिर्फ कंप्यूटर के माध्यम से दिया गया प्रमाणपत्र पर काउंटर साइन करना होगा.

इस नयी व्यवस्था के बाद एमवीआइ का रोल ड्राइविंग टेस्ट पास- फेल में खत्म हो जायेगा और एजेंसी के माध्यम से दिया गया सर्टिफिकेट सभी के लिए मान्य होगा. इसलिए अब एमवीआइ की मर्जी नहीं , कंप्यूटर की मर्जी चलेगी. अभी पटना और औरंगाबाद में ऑनलाइन ड्राइविंग टेस्ट शुरू हो गया है.

अधिकारियों के मुताबिक अब आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए गाड़ी नहीं ले जाना होगा. परिवहन विभाग ने जिस निजी एजेंसी को टेस्टिंग ड्राइविंग लेने की यह पूरी जिम्मेदारी दी है. यह एजेंसी खुद आवेदकों को गाड़ी मुहैया करायेगी. इसके एवज में विभाग की ओर से प्रति आवेदक सौ रुपया एजेंसी को भुगतान करेगा.

नये नियम के बाद दलालों का बढ़ रहा है रेट

ऑनलाइन टेस्ट शुरू होने से अब दलालों की दखल लाइसेंस बनाने में बढ़ जायेगी. अभी तक एमवीआइ, डीटीओ व यातायात डीएसपी इस प्रक्रिया में थे, लेकिन अब एजेंसी के आने के बाद चार हो गये है. ऐसे में जहां एक लाइसेंस को पास कराने हर आवेदन छह हजार तक देना होता था. अब वह आठ से दस हजार तक देना पड़ रहा है.

अब तक ऐसे होता था टेस्ट, बदलेगी प्रक्रिया

विभाग की ओर से अभी तक ड्राइविंग टेस्ट लेने के लिए आवेदकों को गाड़ी लेकर आना होता है. टेस्ट पूरी तरह से एमवीआइ की निगरानी में होता है. इसमें एमवीआइ के साइन के बाद डीटीओ और यातायात डीएसपी का साइन होता है. उसके बाद ही आवेदक को फाइनल लाइसेंस मिलता है, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से ही बदल जायेगा और एजेंसी के प्रमाणपत्र पर इन तीनों को साइन करना होगा.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें