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Coronavirus in Bihar : बिहार को मिले रेमडेसिविर के 24604 डोज, बढ़ाये जा रहे हैं चार हजार अतिरिक्त बेड

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
 प्रत्यय अमृत
प्रत्यय अमृत
फाइल

पटना . राज्य में कोरोना के इलाज को लेकर केंद्र की ओर से 24604 रेमडेसिविर इंजेक्शन का आवंटन हुआ है. वहीं, कोरोना मरीजों के इलाज के लिए राज्य में चार हजार बेड भी बढ़ाये जा रहे हैं. गुरुवार को वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने इसकी जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि इनमें जायडस कैडिला ने 14 हजार, हैटरो ने 6500, माइलेन ने 1000, सिपला ने 2000 व जुबेर ने 1000 रेमडेसिविर इंजेक्शन की सप्लाइ की है. ये इंजेक्शन डॉक्टरों की सलाह पर दिये जायेंगे. इसकी कालाबाजारी और किल्लत राज्य में नहीं हो, इसलिए टॉल फ्री नंबर 1070 को चालू कर दिया गया है. इस पर लोगों के फोन आ रहे हैं. भविष्य में लोगों की समस्याओं के आधार पर नीति निर्धारण किया जायेगा.

उन्होंने बताया कि कोरोना जिस ग्रोथ रेट से बढ़ रहा है, उसके अनुसार आने वाले 10 दिनों में राज्य में दो लाख कोरोना संक्रमितों की संख्या हो जायेगी. ऐसे में राज्य को प्रतिदिन 300 एमटी ऑक्सीजन की जरूरत होगी. इसके आवंटन की मांग केंद्र सरकार से की गयी है.

हर जिले में 100 से 500 तक ऑक्सीजनयुक्त बेड

विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि आने वाले दिनों में सभी प्रवासी लोगों को अनिवार्य रूप से कोरेंटिन सेंटर में रखा जायेगा. इसमें कोरोना पॉजिटिव पाये गये लोगों के लिए कोविड केयर सेंटर आदि की जरूरत पड़ेगी. इसके लिए प्रत्येक जिले में आबादी व संक्रमण के अनुसार 100 से 500 बेड वाले अस्थायी ऑक्सीजनयुक्त बेड वाले सेंटर तैयार किये जा रहे हैं.

एक सप्ताह के भीतर कोरोना के इलाज के लिए राज्य में लगभग चार हजार से अधिक बेड बढ़ जायेंगे. उन्होंने बताया कि आरटीपीसीआर जांच की संख्या बढ़ाने के लिए जल्द ही 100 ट्रू नेट मशीनों की खरीद की जायेगी. 10 दिनों में दो लाख संक्रमितों के बढ़ने की आशंका के आधार पर बेड, जांच, ऑक्सीजन आदि की व्यवस्था की जा रही है.

200 डॉक्टरों को दी जा रही ट्रेनिंग

कोरोना के इलाज की नयी गाइडलाइन के अनुसार डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है. फिलहाल 200 डॉक्टरों को ऑनलाइन प्रशिक्षण चल रहा है. इसमें प्रत्येक जिले के पांच डॉक्टर हैं. यह मास्टर ट्रेनर सभी जिलों में अन्य डॉक्टरों को प्रशिक्षित करेंगे.

डॉक्टर या हेल्थ कर्मियों की मौत हुई, तो परिजनों को सेवाकाल तक सैलरी

प्रधान सचिव ने बताया कि बिहार ऐसा एकमात्र राज्य है, जहां डॉक्टरों सहित अन्य चिकित्सा कर्मियों को 13 माह का वेतन इस आपदा काल में दिया जा रहा है. पिछले वर्ष यह निर्णय लिया गया था कि कोरोना से डॉक्टरों सहित अन्य चिकित्सा कर्मियों की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को पूरे सेवाकाल तक सैलरी दी जायेगी. डॉक्टरों, चिकित्सा कर्मियों और उनके परिजनों के लिए कोरोना संक्रमण होने पर मेडिकल कॉलेज में बेड रिजर्व रखने की व्यवस्था इस बार भी लागू रहेगी.

Posted by Ashish Jha

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