CAG Report Bihar: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 18वें दिन सीएजी की रिपोर्ट पेश की गई. इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए. राज्य सरकार खुद के लिए राजस्व वसूल नहीं कर पा रही है. बिक्री व्यापार कर पर 2371 करोड़ 90 लाख रुपए बकाया है, जिनमें 1289 करोड़ 39 लाख रुपए 5 साल से ज्यादा समय से पेंडिंग है. माल और यात्रियों पर कर के रूप में 248 करोड़ 58 लाख रुपए राजस्व बकाया है.
किस विभाग में कितने रुपए बकाया राशि?
सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक, टोटल 4844 करोड़ 46 लाख रुपए राजस्व बकाया है. जानकारी के मुताबिक, विद्युत पर कर और शुल्क के रूप में 20 लाख रुपए, वस्तु और सेवाओं पर 3 करोड़ 25 लाख रुपए, राज्य उत्पाद पर 54 करोड़ 30 लाख रुपए और खनन एवं धातुकर्म उद्योग (Metallurgical Industry) पर 1505 करोड़ 16 लाख रुपए बकाया है. खान एवं भूतत्व विभाग ने 5 सालों से ज्यादा समय से पेंडिंग बकाए का डिटेल नहीं दिया है.
जानकारी के मुताबिक, राशि वसूली के लिए भू-राजस्व के रूप में नीलामवाद (Certificate Case) दायर किया गया है. सीएजी की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वाहनों पर कर के रूप में 183 करोड़ 39 लाख रुपए बकाया है. परिवहन विभाग ने भी 5 सालों से ज्यादा समय से पेंडिंग बकाए का डिटेल नहीं दिया है. विभाग ने पेंडिंग बकाए की स्थिति भी स्पष्ट नहीं की है. भू-राजस्व की बात करें तो, 302 करोड़ 47 लाख रुपए का राजस्व बकाया है और विभाग ने 5 सालों का डिटेल नहीं दिया है.
विपक्ष विधायकों ने इस मुद्दे पर किया प्रदर्शन
बिहार बजट सत्र के 18वें दिन विपक्ष के विधायकों ने दलितों की जमीन की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान विधायकों ने दलितों को तीन डिसमिल जमीन देने की मांग की. इतना ही नहीं, राजद के विधायकों ने इस मुद्दे को केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सम्मानजनक जीवन से जुड़ा भी बताया है. इसके अलावा सदन के अंदर भी विधायकों ने इस मुद्दे पर चर्चा की.
Also Read: ‘चुन-चुनकर घुसपैठियों को किया जाएगा बाहर’, सीमांचल में गरजे अमित शाह
