Blackout Mock Drill: पटना समेत बिहार के 6 जिलों में गुरुवार की शाम सायरन की गूंज सुनाई देगी और ठीक सात बजे पूरी तरह से अंधेरा पसर जाएगा. पटना के अलावा अररिया, बेगूसराय, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया में लोगों से 15 मिनट तक अपने घरों और दुकानों की लाइटें बंद रखने के लिए कहा गया है. सिविल डिफेंस ब्लैकआउट एंड एयर रेड मॉक ड्रिल को लेकर 6 जिलों में यह अभ्यास किया जाएगा.
लोगों को घबराने की जरुरत नहीं
जानकारी के मुताबिक, जिला प्रशासन आपदा और हवाई हमले जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एक व्यापक मॉकड्रिल होगा, जिसमें सिविल डिफेंस की तैयारियों को परखा जाएगा. पटना के डीएम ने कहा कि यह केवल एक अभ्यास है, इसलिए नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है.
सायरन की आवाज होते ही शहर में ब्लैकआउट
14 मई की शाम 7 बजे से लेकर 7:15 बजे तक पटना के शहरी इलाकों में ब्लैकआउट रहेगा. जैसे ही सायरन बजेगा, पटना नगर निगम क्षेत्र सहित दानापुर, खगौल और फुलवारीशरीफ के निवासियों को अपने घरों, दुकानों और कार्यालयों की लाइटें बंद करनी होंगी. इस 15 मिनट के दौरान शहर की सड़कों पर सन्नाटा रहेगा.
थाना प्रभारियों को दिया गया आदेश
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा और आइजी जितेंद्र राणा ने बुधवार को पटना के सभी थाना प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सभी थानों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहें और विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करें. ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए चेक प्वाइंट इंचार्ज को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है. साथ ही अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि मॉकड्रिल के दौरान आम जनजीवन अधिक प्रभावित न हो.
अररिया में डीएम ने दिया आदेश
अररिया जिले में डीएम विनोद दूहन और जिला पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने आदेश जारी किया था. उन्होंने कहा था, ब्लैकआउट की प्रस्तावित अवधि के दौरान सभी नगरीय इलाकों में पूरी तरह से ब्लैकआउट रखा जाएगा. इसकी सफलता के लिए बिजली विभाग को विद्युत आपूर्ति बंद रखने के लिए निर्देशित किया गया है.
स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं चालू रखने और अस्पतालों की खिड़कियों को ब्लैक पर्दों से ढंकने का निर्देश दिया गया है. साथ ही सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. जिले के लोगों को किसी भी प्रकार के आपदा के लिए तैयार रहने, अंधेरे में भी सुव्यवस्थित और सुरक्षित रहने की क्षमता विकसित करने की दिशा में इस मॉक ड्रिल को उन्होंने एक महत्वपूर्ण कदम बताया.
महात्मा गांधी सेतु पर अधिकारियों की तैनाती
वैशाली जिले की बात करें तो, महात्मा गांधी सेतु से हर मिनट लगभग 75 से अधिक वाहन गुजरते हैं. ऐसे में यदि 15 मिनट तक पुल पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो करीब 1100 से अधिक वाहन दोनों ओर रुक सकते हैं. इससे सेतु के दोनों छोर पर कई किलोमीटर लंबी लाइन लगने की संभावना जताई जा रही है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह मॉकड्रिल हवाई हमले जैसी आपात स्थिति में नागरिक सुरक्षा की तैयारी को परखने के लिए किया जा रहा है. इस दौरान सभी प्रकार की लाइटें बंद रखी जाएंगी और गाड़ियों को भी निर्धारित समय तक रोककर उनकी हेडलाइट बंद कराई जाएगी. महात्मा गांधी सेतु पर विशेष निगरानी के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है.
Also Read: बिहार के 7 जिलों में आज तेज बारिश और ठनका का अलर्ट, 50-60 KMPH की रफ्तार से चलेगी हवा
