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Bihar News: शराबबंदी के बाद नहीं घटा बिहार का राजस्व, CM बोले- फल, सब्जी व दूध उत्पादन के साथ बढ़ी बिक्री

Bihar News शराब का सेवन नहीं करने के कारण बचे हुए पैसों से लोग फल, सब्जी और दूध खरीद रहे हैं. शहरों में वातावरण बेहतर हुआ है. शराब की लत के चलते जिन घरों में खाने के लिए पैसे नहीं रहते थे, अब वे शाम को घर में मुस्कुराते हुए सब्जी लेकर आते हैं.

By Prabhat Khabar Print Desk
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पटना के ज्ञान भवन में शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
पटना के ज्ञान भवन में शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
प्रभात खबर

Bihar News: नशामुक्ति दिवस पर शुक्रवार को पटना के ज्ञान भवन में शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कोई भी काम कीजियेगा, तो चंद लोग गड़बड़ करने वाले हमेशा मिलते हैं. शत-प्रतिशत लोग किसी चीज को स्वीकार नहीं करते. लोगों के हित में शराबबंदी लागू की गयी है और इससे समाज में बदलाव भी आया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के बाद पर्यटन व आमदनी घटने की बात गलत है. पहले साल पांच हजार करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ था. उसके अगले वर्ष 1200 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ, लेकिन उसके अगले साल से शराबबंदी से कोई राजस्व की हानि नहीं होने लगी. इसी तरह, बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पर्यटकों की संख्या और बढ़ी है.

उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2018 में प्रकाशित उस सर्वे रिपोर्ट का लोगों के बीच अधिक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया, जिसमें शराब के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों की चर्चा की गयी है. उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू होने के बाद बिहार में फल, सब्जी और दूध के उत्पादन के साथ ही बिक्री भी बढ़ी है. शराब का सेवन नहीं करने के कारण बचे हुए पैसों से लोग फल, सब्जी और दूध खरीद रहे हैं. शहरों में वातावरण बेहतर हुआ है. शराब की लत के चलते जिन घरों में खाने के लिए पैसे नहीं रहते थे, अब वे शाम को घर में मुस्कुराते हुए सब्जी लेकर आते हैं.

आपसी झगड़े का 18 प्रतिशत कारण शराब पीना

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब पीने से होने वाली हानि को लेकर डब्ल्यूएचओ ने 2016 में दुनियाभर में सर्वे कराया था, इसकी रिपोर्ट 2018 में प्रकाशित की गयी. इसके मुताबिक दुनियाभर में होने वाली कुल मौतों में 6.3 प्रतिशत मृत्यु यानी करीब 30 लाख लोगों की मौत शराब पीने से हुई. 20 से 30 आयु वर्ग के युवक-युवतियों में होने वाली मौत का 13.5 प्रतिशत शराब पीने से होती है. 18 प्रतिशत लोग शराब पीने के कारण आत्महत्या करते हैं. आपसी झगड़े का 18 प्रतिशत कारण शराब पीना होता है. विश्व में जितनी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, उनमें 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं शराब पीने की वजह से होती हैं.

शराब पीने की वजह से होने वाली गंभीर बीमारियों में से लीवर की बीमारी 48 प्रतिशत, मुंह के कैंसर की 26 प्रतिशत, पैनक्रियाज की बीमारी 26 प्रतिशत तथा टीबी की बीमारी 20 प्रतिशत के आसपास होती है. यह रिपोर्ट बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद आयी है. उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि जिस कारण से हमलोगों ने राज्य में शराबबंदी लागू की डब्ल्यूएचओ की यह रिपोर्ट इसकी पुष्टि करती है. इस रिपोर्ट में शराब से होने वाली हानियों के बारे में लोगों को सचेत करने के लिए पर्याप्त आंकड़े दिये गये हैं. उन्होंने इस रिपोर्ट का लोगों के बीच में और प्रचार-प्रसार कराने को कहा.

Posted by:Radheshyam Kushwaha

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