AIMIM की चाल से RJD की बढ़ी चुनौती, लालू ने बुलाई बड़ी बैठक, समझिए जीत का गणित

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है. राष्ट्रीय जनता दल के सामने पांचवीं सीट पर उम्मीदवार उतारने को लेकर दुविधा है. वहीं AIMIM के रुख ने महागठबंधन का गणित और उलझा दिया है. अब सबकी नजर लालू प्रसाद की अगुवाई में होने वाली बैठक पर है.

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के रुख ने राजद की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. विधायकों की संख्या इतनी कम नहीं कि राजद मैदान छोड़ दे, लेकिन जीत की गारंटी भी नहीं है. ऐसे में पार्टी के सामने सख्त रणनीति बनाने की चुनौती है.

लालू ने बुलाई संसदीय दल की बैठक

पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने पटना में संसदीय दल की अहम बैठक बुलाई है. बैठक राबड़ी आवास पर रविवार को होगी. इसमें सांसद, विधायक और विधान पार्षद शामिल होंगे. बैठक में यह तय होगा कि पांचवीं सीट के लिए प्रत्याशी उतारा जाए या नहीं. अगर दावेदारी पर सहमति बनती है तो उम्मीदवार के नाम पर भी चर्चा होगी.

कौन हो सकता है उम्मीदवार?

सूत्रों की मानें तो पार्टी किसी अनुभवी और संसदीय राजनीति समझने वाले चेहरे को मैदान में उतार सकती है. आर्थिक रूप से मजबूत उम्मीदवार की भी चर्चा है. दो बड़े कारोबारी नामों की चर्चा जोरों पर है. इनमें एक मुस्लिम समाज से बताया जा रहा है. हालांकि आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है.

पांच सीटें हो रही हैं खाली

बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं. इनमें तीन एनडीए और दो राजद की सीटें हैं. पांच मार्च को नामांकन होगा. जरूरत पड़ने पर 18 मार्च को मतदान कराया जाएगा. राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव पहले ही महागठबंधन से प्रत्याशी देने की घोषणा कर चुके हैं.

AIMIM का समीकरण अहम

AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान महागठबंधन से समर्थन की मांग कर चुके हैं. पार्टी के पांच विधायक हैं. इनके बिना महागठबंधन का गणित कमजोर पड़ सकता है. अगर AIMIM अलग से उम्मीदवार उतारती है तो मुकाबला और रोचक होगा.

जीत का गणित क्या कहता है?

राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए. महागठबंधन के पास फिलहाल 35 विधायक हैं. इसमें राजद के 25, कांग्रेस के 6 और वामदलों के 3 विधायक शामिल हैं. एक विधायक इंडियन इंक्लूसिव पार्टी का है. राजद को कम से कम छह अतिरिक्त वोटों की जरूरत है. दूसरी ओर 202 विधायकों के साथ एनडीए की स्थिति मजबूत है. चार सीटों पर उसे कोई खतरा नहीं है. पांचवीं सीट के लिए भी उसे केवल तीन अतिरिक्त वोट चाहिए.

मुकाबला हो सकता है दिलचस्प

अगर एनडीए, राजद और AIMIM तीनों पांचवीं सीट पर उम्मीदवार उतारते हैं तो मुकाबला त्रिकोणीय हो जाएगा. ऐसे में प्रथम वरीयता के साथ-साथ दूसरे और तीसरे क्रम के वोट भी अहम हो जाएंगे. अब सबकी नजर रविवार की बैठक पर टिकी है. देखना होगा कि राजद आक्रामक रणनीति अपनाती है या सुरक्षित खेल खेलती है. बिहार की राजनीति में यह चुनाव नई दिशा तय कर सकता है.

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By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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