Bihar News: पटना में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर कई काम किए जा रहे हैं. ऐसे में पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड (पीएससीएल) की तरफ से जेपी गंगा पथ से हटाई गईं प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों को अब जीविका (बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति) को सौंप दिया जाएगा. इन दुकानों का उपयोग ग्रामीण महिलाओं के लिए किया जाएगा, ताकि वे प्रखंड स्तर पर इनका उपयोग कर अपना व्यवसाय शुरू कर सकें.
बुधवार को होने वाली बैठक में फैसला
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को आयोजित होने वाली बोर्ड बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा. इन दुकानों के ट्रांसफर के लिए जीविका को तय राशि का भुगतान अगले पांच सालों में किस्तों में किया जाएगा. जीविका ने जनवरी 2026 में स्मार्ट सिटी को करीब 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों को उन्हें देने की मांग की थी.
दरअसल, जेपी गंगा पथ पर करीब 15.45 करोड़ रुपए से 500 दुकानें वेंडिंग जोन विकसित करने के लिए लगाई जा रही थीं. लेकिन इन दुकानों का डिजाइन सही नहीं होने और इससे गंगा नदी का नजारा बाधित होने की वजह से इन्हें हटाकर अब नए डिजाइन में दुकानों को फिर से स्थापित करने का निर्णय लिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, यहां लगभग 50-60 दुकानों को ही बड़े आकार में लगाया जाएगा. लेकिन स्मार्ट सिटी के प्रबंध निदेशक यशपाल मीणा ने कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है. प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों को जीविका को सौंपा जायेगा.
जीविका ने स्मार्ट सिटी को लिखा था लेटर
जनवरी 2026 में बिहार की ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) ने स्मार्ट सिटी को लेटर लिखा था. लेटर के जरिए बताया गया था कि जीविका ने 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों को अपनी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपने की योजना बनाई है. इसका उपयोग महिलाएं छोटी-बड़ी दुकानों के रूप में करेंगी. अभी गंगा पथ से हटाकर प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों को गर्दनीबाग स्थित हाई स्कूल के पास शिफ्ट किया गया है. यहां पर कुछ दुकानों के नीचे पानी जमा है और कुछ दुकानें डैमेज भी होने लगी हैं.
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