खुशखबरी! पूर्व सैनिकों को अब ऐसे मिलेगा योजनाओं का लाभ, सरकार की तैयारी यहां जानिए

Bihar News: पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए बिहार सरकार की तरफ से विशेष पहल की गई है. इस कड़ी में सरकार ने इन्हें मिलने वाली सभी योजनाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी की है. यानी इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए उन्हें अब सैनिक कल्याण निदेशालय का चक्कर नहीं काटना होगा.

Bihar News: पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए बिहार सरकार की तरफ से विशेष पहल की गई है. इस कड़ी में सरकार ने इन्हें मिलने वाली सभी योजनाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी की है. यानी इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए उन्हें अब सैनिक कल्याण निदेशालय का चक्कर नहीं काटना होगा.

ऑनलाइन मिलेंगी ये योजनाएं

मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा अनुदान, वैवाहिक अनुदान और पीएम मेधावी छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लाभ ऑनलाइन मिलेगा. इस सुविधा के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की खरीद को स्टेट एक्स सर्विस मैन बेनेवोलेंट फंड से 20 लाख रुपए दिए गए हैं. वहीं, पटना जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है.

पूर्व सैनिकों की यहां होगी नियुक्ति

प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 5 हजार पूर्व सैनिकों को ईआरएसएस डायल-112 में वाहन चालक बनाया गया है. राजभवन सचिवालय ने निर्णय लिया है कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में गार्ड के पद पर पूर्व सैनिकों की नियुक्ति होगी. बता दें कि हाल ही में राजभवन में छह पूर्व सैनिकों को ड्राइवर की नौकरी दी गई है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

यहां बनेंगे इंटिग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स

बैठक के बाद राज्यपाल सचिवालय की तरफ से कहा गया है कि इंटिग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स बनेंगे. राज्य के 20 जिलों में इंटिग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं. नालंदा, बेगूसराय, सीतामढ़ी, मधुबनी, समस्तीपुर, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, कटिहार, सहरसा, पश्चिमी चंपारण और गोपालगंज में नए कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे.

इसे भी पढ़ें: अब गवाही के लिए पुलिस और डॉक्टरों को नहीं जाना होगा कोर्ट, शुरू होगी नई सेवा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >