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Bihar News: घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों को कैश देने का बिहार मॉडल अब देशभर में होगा लागू

बिहार पहला राज्य है, जिसने गुड सेमिरिटन (अच्छे लोगों) को नकद देने का निर्णय लिया था. अब इस मॉडल को देशभर में 15 अक्तूबर से लागू किया जायेगा.

By Prabhat Khabar Print Desk
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घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों को कैश देने का बिहार मॉडल अब देशभर में होगा लागू
घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों को कैश देने का बिहार मॉडल अब देशभर में होगा लागू
प्रभात खबर

Bihar News: बिहार पहला राज्य है, जिसने गुड सेमिरिटन (अच्छे लोगों) को नकद देने का निर्णय लिया था. अब इस मॉडल को देशभर में 15 अक्तूबर से लागू किया जायेगा. 2018 से यह नियम बिहार में लागू है. पूर्व में परिवहन विभाग ऐसे अच्छे लोगों को सम्मानित करता था, जिसमें संशोधन कर नकद प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया. केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सड़क दुर्घटना होने पर एक घंटे में अस्पताल पहुंचाने वालों को पांच हजार रुपये दिये जाएं.

ऐसा होने पर सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों को कम किया जा सकेगा. इसके लिए केंद्र सरकार राज्यों को अभी पांच लाख रुपये देगी. पैसे की मांग पर राज्यों को आगे की किस्त जारी की जायेगी. बिहार में अब तक परिवहन विभाग 500 से अधिक अच्छे लोगों को पुरस्कार दे चुका है. स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाता रहा है. 2018 में 70, 2019 में 117, 2020 में 245 और 2021 में अब तक 200 से अधिक लोगों को पुरस्कृत किया जा चुका है.

बिहार में सबसे अधिक मौत

बिहार में सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों की संख्या कम है. दुर्घटना के बाद गोल्डेन आवर में उपचार नहीं होने के कारण देश में सबसे अधिक मौतें बिहार में ही होती है. वहीं, आंकड़ों के अनुसार सड़क दुर्घटना के बाद बिहार में 72 फीसदी मौतें हो रही हैं,जबकि तामिलनाडु 18.4 फीसदी, मध्यप्रदेश में 22.2 फीसदी, उत्तरप्रदेश 53.2 फीसदी, केरल में 10.8 फीसदी, तो कर्नाटक में 27 फीसदी ही मौतें होती हैं. इसे कम करने के लिए ही बिहार सरकार साल 2018 से गुड सैमेरिटन को नकदी पुरस्कार दे रही है.

पुलिस दबाव नहीं बना सकती

सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वालों को पुलिस गवाह नहीं बना सकती है. नाम, पहचान और पता देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है.गुड सेमिरिटन से संबंधित प्रावधानों को सरकारी कार्यालय परिसर, अस्पताल परिसर के मुख्य जगहों पर लगाये गये है. वहीं सरकारी, निजी अस्पताल प्रशासन गुड सेमिरिटन से किसी भी तरह के निबंधन शुल्क या अन्य राशि की मांग नहीं कर सकती है.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

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