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भारतमाला-2 में बिहार की चार सड़कें होंगी शामिल, नीतीश सरकार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सहमति के बाद राज्य सरकार ने चार सड़कों को भारतमाला-2 में शामिल करने के लिए बुधवार को प्रस्ताव भेजा है. इसकी कुल लंबाई करीब 905 किमी है.

By Prabhat Khabar Print Desk
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सड़कें होंगी चकचक.
सड़कें होंगी चकचक.
फाइल

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सहमति के बाद राज्य सरकार ने चार सड़कों को भारतमाला-2 में शामिल करने के लिए बुधवार को प्रस्ताव भेजा है. इसकी कुल लंबाई करीब 905 किमी है. इसमें बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे, नवादा-बरौनी-झंझारपुर-लदनिया हाइवे, मांझी-बरौली-बेतिया-बाघा-कुशीनगर हाइवे और कहलगांव-कुरसेला-फारबिसगंज फोरलेन रोड शामिल हैं.

यह प्रस्ताव पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अपर सचिव को भेजा है. उन्होंने कहा है कि इन सड़कों को भारतमाला-2 में शामिल करने से लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी. इससे पहले केंद्र ने आठ सड़काें को भारतमाला-2 में शामिल करने की मौखिक सहमति दी थी. अब चार इन सड़कों के लिए भी सहमति मिलने पर राज्य की 12 सड़कें भारतमाला-2 में शामिल हो जायेंगी.

केंद्र सरकार को भेजे गये प्रस्ताव में बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे का निर्माण 350 किमी की लंबाई में करना शामिल है. इससे भागलपुर सिल्क सिटी की कनेक्टिविटी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से हो सकेगी. साथ ही भागलपुर से दिल्ली जाना आसान हो जायेगा. नवादा-बरौनी-झंझारपुर-लदनिया हाइवे को 220 किमी लंबाई में बनाने का प्रस्ताव है.

इसे बनने से दक्षिण बिहार से नेपाल जाना सुविधाजनक हो सकेगा. वहीं मांझी-बरौली-बेतिया-बाघा-कुशीनगर हाइवे करीब 215 किमी की लंबाई में बनने से उत्तर और पश्चिम बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी हो सकेगी. कहलगांव-कुरसेला-फारबिसगंज फोरलेन सड़क करीब 120 किमी लंबाई में बनने से पूर्वी बिहार की बेहतर कनेक्टिविटी झारखंड के संथाल परगना इलाके से बन सकेगी.

गौरतलब है कि 24 सितंबर को पथ निर्माण मंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारतमाला परियोजना के दूसरे चरण में बिहार की आठ एनएच को शामिल करने पर मौखिक सहमति दे दी थी. साथ ही इसपर सकारात्मक पहल शुरू हो गया है. इनकी लागत का शुरुआती आकलन करीब 50 से 60 हजार करोड़ रुपये का है.

इसमें भारत-नेपाल बॉर्डर सड़क को फोरलेन बनाना, पटना-कोलकाता एक्सप्रेस वे को बेहतर बनाना, बक्सर-अरवल-जहानाबाद-बिहारशरीफ हाइवे को फोरलेन बनाना, दलसिंहसराय-सिमरी बख्तियारपुर को फोरलेन बनाना, दीघवारा-मशरख-पिपराकोठी-मोतिहारी-रक्सौल फोरलेन बनाना, सुल्तानगंज-देवघर को ग्रीनफील्ड हाइवे, मशरख-मुजफ्फरपुर हाइवे शामिल हैं.

Posted by Ashish Jha

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