कोरोना से जंग : बिहार के बाहर फंसे एक लाख से अधिक लोगों की राज्य सरकार ने की मदद, खाते में भेजे एक हजार रुपये

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को एक लाख तीन हजार 579 अप्रवासी बिहारियों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए उनके खाते में 10 करोड़ 35 लाख से अधिक रुपये जमा कराये

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को एक लाख तीन हजार 579 अप्रवासी बिहारियों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए उनके खाते में 10 करोड़ 35 लाख से अधिक रुपये जमा कराये. सीएम आवास के नेक संवाद में मुख्यमंत्री ने माउस क्लिक कर एक-एक हजार रुपये की दर से पहले चरण में विशेष सहायता की रकम जमा करायी. वीडियोकांफ्रेंसिंग के जरिये यह राशि जमा करायी गयी. इसके साथ ही बिहार राज्य के बाहर लाकडाउन में फसे मजदूर व जरूरतंद लोगों को राहत पहुंचाने वाला देश का पहला राज्य बन गया. अब तक इस योजना के तहत दो लाख 84 हजार 674 आवेदन आपदा प्रबंधन विभाग को प्राप्त हुए हैं. सभी अवेदनों की तहकीकात की जा रही है. सीएम ने जल्द ही इनके खाते में भी विशेष कोरोना सहायता राशि भेजने का निर्देश दिया है. योजना का शुभारंभ होते ही अन्य राज्यों में फंसे एक लाख तीन हजार 579 बिहार के लोगों के खाते में 10 करोड़ 35 लाख 79 हजार रूपये की राशि जमा हो गयी.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के कारण बिहार के जो लोग बिहार के बाहर अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं, उन्हें प्रति व्यक्ति एक हजार रूपये की राशि विशेष सहायता के रूप में मुख्यमंत्री राहत कोष से देने का निर्देश दिया था. मुख्यमंत्री सचिवालय एवं बिहार भवन के हेल्पलाइन नंबर पर तथा आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार के नियंत्रण कक्ष के दूरभाष पर बाहर फंसे लोगों द्वारा सूचनायें दी गयी थी. मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन सभी लोगों से मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा दूरभाष के माध्यम से वापस फीडबैक प्राप्त किया गया. फीडबैक से पता चला कि लॉकडाउन में फंसे लोग संकट से गुजर रहे हैं. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी परेशानी को कम करने के लिये प्रति व्यक्ति एक हजार रुपये की राशि मुख्यमंत्री विशेष सहायता के रूप में मुख्यमंत्री राहत कोष से देने का निर्णय लिया था.

सबसे अधिक दिल्ली से आये आवेदन, हरियाणा दूसरे नंबर पर

विभिन्न राज्यों से बिहार के बाहर के लोगों के मिले आवेदन में दिल्ली से 55,264, हरियाणा से 41,050, महाराष्ट्र से 30,576, गुजरात से 25,638, यूपी से 23,832, पंजाब से 15,596, कर्नाटक से 15,428, तमिलनाडु से 11,914, राजस्थान से 11,773, पष्चिम बंगाल से 9,527, तेलंगाना से 7,245, मध्य प्रदेश से 5,690, झारखण्ड से 5,359, आंध्रप्रदेश से 3,991, केरल से 3,087, असम से 3,070, ओड़िशा से 2,714, उतराखंड से 2,544, हिमाचल प्रदेश से 2,519, छतीसगढ़ से 1,956, चंडीगढ़ से 1,249, जम्मू–कश्मीर से 885, गोवा से 834 कुल दो लाख 84 हजार 674 आवेदन मिले. अभी भी आवेदनों के प्राप्त होने का क्रम जारी है.

तीन हजार लोगों ने फोन कर मांगी थी मदद

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहायता राशि सबको मिल जाये, यह सुनिश्चित किया जाये. उन्होंने बताया कि तीन हजार से ज्यादा लोगों के फोन आये, उनकी समस्या जानी गयी. अभी भी लोगों के फोन आ रहे हैं. उसके आधार पर उनसे संपर्क कर उन्हें आवेदन करने के बारे में जानकारी दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने इस मामले में तेजी से अमल करने के लिए अधिकारियों को धन्यवाद भी दिया.

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By Rajat Kumar

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