STF और दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का भंडाफोड़, बाप-बेटे को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Bihar Cyber Crime: साइबर अपराध के खिलाफ STF और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जक्कनपुर से बाप-बेटे दबोचे गए. गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई. मामला दिल्ली सेंट्रल साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक बड़े साइबर फ्रॉड से जुड़ा है. छापेमारी में मोबाइल, बैंक खाते और डायरियां बरामद की गई.

Bihar Cyber Crime:(शुभम) साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पटना और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है. एसटीएफ और दिल्ली पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर जक्कनपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगी करने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है.

पिता-पुत्र की हुई पहचान

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनेर के मोहरी बगीचा निवासी अरविंद भारती और उनके पुत्र शनि कुमार के रूप में हुई है. गिरफ्तारी के बाद दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई है, जहां उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी.

दिल्ली में दर्ज है बड़ा साइबर ठगी का मामला

पुलिस के अनुसार, यह मामला दिल्ली सेंट्रल साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक बड़े साइबर फ्रॉड से जुड़ा है. जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर उससे लाखों रुपये की ठगी की थी. तकनीकी जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि ठगी की गई रकम में से लगभग दो लाख रुपये आरोपियों अरविंद भारती और शनि कुमार के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे. इसके बाद से दिल्ली पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी.

मनेर से जक्कनपुर तक चली जांच

सूत्रों के अनुसार, जांच टीम सबसे पहले आरोपियों के पैतृक गांव मनेर पहुंची थी. जहां छापेमारी के दौरान पता चला कि दोनों पिछले दो वर्षों से गांव में नहीं रह रहे थे. इसके बाद तकनीकी निगरानी और इनपुट के आधार पर जक्कनपुर में छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया गया.

मोबाइल, बैंक खाते और डायरियां बरामद

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके ठिकाने की तलाशी ली, जहां से कई मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों के खाते और संदिग्ध डायरियां बरामद की गईं. इन डायरियों में कई अन्य बैंक खातों और लेन-देन का विस्तृत रिकॉर्ड होने की आशंका जताई जा रही है.

कई बड़े लेन-देन की जांच जारी

फिलहाल दिल्ली पुलिस दोनों आरोपियों के बैंक खातों की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके माध्यम से अब तक कितनी राशि का अवैध लेन-देन किया गया है. पुलिस को शक है कि यह किसी बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं.

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Published by: raginisharma

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