Bihar Budget Session: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के बीच शिक्षकों का मुद्दा गरमाया हुआ है. ऐसे में शुक्रवार को बिहार विधान परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने महिला शिक्षकों के मुद्दे को उठाया. सदन के अंदर राबड़ी देवी ने कहा, महिला शिक्षकों को गृह जिले में ट्रांसफर किया जाए. उन्हें आने-जाने में परेशानी होती है. अपना घर और बच्चों को भी देखना पड़ता है. जो जिस जिले में हैं, उसी जिले में कर देना चाहिए. इससे महिला शिक्षकों काफी सहूलियत मिलेगी.
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
सदन में राबड़ी देवी के इस मांग पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने हामी भरी और इस मामले में विचार करने की बात कही. इससे पहले सदन के बाहर विपक्ष के विधायकों ने जमकर हंगामा किया था. राबड़ी देवी ने बिहार में हो रहे अपराध यानी कि लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सवाल खड़े किए. इतना ही नहीं, उन्होंने गृह मंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग भी की. ऐसे में महिला शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए राबड़ी देवी की तरफ से उठाए गए मांग पर क्या एक्शन लिया जाता है, यह देखने वाली बात होगी.
संजीव कुमार सिंह ने भी उठाया शिक्षकों का मुद्दा
बिहार विधान परिषद में एमएलसी डॉ. संजीव कुमार सिंह ने भी शिक्षकों का मुद्दा उठाया. डॉ. संजीव कुमार सिंह ने कहा, सीएल (Casual Leave) लेने का जो प्रावधान है, उसके मुताबिक CL के आगे-पीछे या बीच में आने वाले रविवार या फिर निर्धारित अवकाश को CL में नहीं गिना जाता है. लेकिन जब ई-शिक्षा कोष में अप्लाई किया जाता है तो सीएल में रविवार या फिर निर्धारित अवकाश को जोड़ दिया जा रहा है, जिससे परेशानी हो रही है. इस पर भी शिक्षा मंत्री ने विचार करने की बात कही.
टीआरई-4 को लेकर गुस्सा
बिहार में शिक्षकों के मुद्दे पर लगातार आवाज उठाई जा रही है. बीपीएससी के कैलेंडर में टीआरई-4 का कोई शेड्यूल नहीं होने की वजह से अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा है. अभ्यर्थियों की तरफ से पटना में इसे लेकर प्रदर्शन भी किए गए थे. लेकिन सरकार की तरफ से यह कहा गया है कि वैकेंसी को लेकर रोस्टर भेजा गया है.
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