विधानसभा में पथ निर्माण मंत्री ने राज्य में राष्ट्रीय उच्च पथों के बारे में दी विस्तृत जानकारी संवाददाता, पटना बिहार में राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच) की लंबाई प्रति लाख की आबादी पर भले ही कम है, पर क्षेत्रफल के अनुसार एनएच की औसत लंबाई राष्ट्रीय औसत से डेढ़ गुना अधिक है. राज्य में फोरलेन सड़कों की लंबाई में 2005 की तुलना में तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है. विधानसभा में पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने राज्य में एनएच की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य में अब छह लेन की सड़कें भी बन रही हैं. साथ ही ग्रीनफिल्ड सड़कों के एलाइनमेंट पर भी काम हो रहा है. राज्य में प्रति लाख की आबादी पर एनएच की लंबाई 4.45 किलोमीटर: विधानसभा में खजौली के विधायक अरुण शंकर प्रसाद ने राज्य में एनएच की औसत लंबाई को लेकर सवाल पूछा था. जवाब में पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि राज्य में प्रति लाख की आबादी पर एनएच की लंबाई 4.45 किलोमीटर है. एनएच की प्रति लाख की आबादी पर औसत लंबाई 10.90 किलोमीटर है. उन्होंने बताया कि जब क्षेत्रफल के आधार पर इसे देखा जायेगा तो बिहार में एनएच की लंबाई अधिक है. देश में राष्ट्रीय उच्च पथ की औसत लंबाई 39.90 किलो मीटर है, जिसकी तुलना में बिहार में क्षेत्रफल के अनुसार एनएच की औसत लंबाई 63.24 किलोमीटर है. यानी राष्ट्रीय औसत से डेढ़ गुनी अधिक हैं. पथ निर्माण मंत्री ने सदन को बताया कि वर्ष 2005 में राज्य में दो लेन की सड़कों की लंबाई 1200 किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर 2000 किलोमीटर हो गयी है. इसी प्रकार से वर्ष 2005 में राज्य में फोर लेन की सड़कों की लंबाई 800 किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर 2600 किलोमीटर हो गयी है. इस प्रकार से राज्य में उस समय एनएच मात्र 3600 किलोमीटर था जिसकी लंबाई अभी बढ़कर 6000 किलोमीटर हो गयी है. राज्य में अब बन रही हैं छह लेन की भी सड़कें: पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि राज्य में छह लेन की सड़कों का भी निर्माण किया जा रहा है. इसमें आमस-दरभंगा, पटना-बेतिया, आरा-सासाराम, वाराणसी-कोलकाता के अलावा राम जानकी मार्ग और बक्सर-चौसा मार्ग का भी निर्माण कराया जा रहा है.
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