शोध कार्य का आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाने का प्रयास : वेंकेटेश

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के बैनर तले स्प्रिंगर नेचर द्वारा आयोजित तीसरा इंडिया रिसर्च टूर शुक्रवार को गया से पटना पहुंचा.

संवाददाता, पटना केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के बैनर तले स्प्रिंगर नेचर द्वारा आयोजित तीसरा इंडिया रिसर्च टूर शुक्रवार को गया से पटना पहुंचा. संस्था के एमडी वेंकेटेश सर्वसिद्धि ने आइसीएमआर पटना परिसर में वार्ता के दौरान कहा कि प्रदेश के शैक्षणिक संस्थान के छात्र शोध जर्नल को डाउनलोड कर आसानी से पढ़ सकते हैं. यह शोध कार्य को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाने का प्रयास है. यह टूर ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ के प्रति छात्रों व शैक्षणिक संगठनों को जागरूक करने के लिए भी किया जा रहा है. टूर में शामिल विशेषज्ञों ने आइआइटी पटना और आइसीएआर रिसर्च काम्प्लेक्स फॉर इस्टर्न रीजन के शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के साथ बातचीत की. पटना के बाद यह टूर झारखंड, पश्चिम बंगाल होते हुए असम की तरफ जायेगा. कृषि व फूड साइंस शोध की नयी पत्रिका ‘क्यूरियस जर्नल ऑफ एग्रीकल्चर एंड फूड साइंस’ को शुरू करने की भी घोषणा की गयी. इससे शोधकर्ताओं को उनके कार्यों को प्रकाशित करने के लिए एक आसान और लेखक-अनुकूल मंच मिल सकेगा. इसमें फसल विज्ञान, खाद्य प्रौद्योगिकी, कृषि जैव प्रौद्योगिकी, मृदा विज्ञान, पशु एवं डेयरी विज्ञान और सतत कृषि जैसे क्षेत्रों को कवर किया जायेगा. इस पत्रिका को नेहा त्रिवेदी संभालेंगी. सर्वसिद्धि ने कहा कि विश्व में चीन वर्ष में 11 लाख शोध पेपर तैयार करता है फिर इसके बाद अमेरिका और तीसरे स्थान पर भारत का नाम आता है. हमारा स्थान विश्व के टॉप टेन में है. हमें अपनी गुणवत्ता पर विशेष रूप से ध्यान देना होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Anurag pradhan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >