बड़ी बात यह कि सैफी को अपराधी फोन से धमकी भी देते थे. इसकी शिकायत उसने फुलवारीशरीफ थाने में भी पिछले दिनों की थी. उसने कुछ लोगों से जान का खतरा बताया था, पर यहां पुलिस की बड़ी चूक सामने आयी है. पुलिस आवेदन को लेकर गंभीर नहीं हुई और सैफी को जान गंवाना पड़ा. हालांकि, एएसपी राकेश कुमार ने बताया कि घटना का कारण आपसी विवाद या प्रेम-प्रसंग भी हो सकता है.
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एएसपी की मुखबिरी और प्रेम प्रसंग में तलाशी जा रही हत्या की वजह
पटना/फुलवारी : सैफी की हत्या को लेकर पुलिस का अनुंसधान तीन बिंदुओं पर है. पहला एएसपी के लिए अपराधियों की मुखबिरी, दूसरा ट्रांसपोर्टर हत्याकांड और तीसरा प्रेम -प्रसंग. इसमें दो आरोप मृतक के परिजनों की तरफ से आ रहे हैं, जबकि पुलिस घटनास्थल पर दीवार पर खून से बनाये गये दिल के आकार में खून […]
पटना/फुलवारी : सैफी की हत्या को लेकर पुलिस का अनुंसधान तीन बिंदुओं पर है. पहला एएसपी के लिए अपराधियों की मुखबिरी, दूसरा ट्रांसपोर्टर हत्याकांड और तीसरा प्रेम -प्रसंग. इसमें दो आरोप मृतक के परिजनों की तरफ से आ रहे हैं, जबकि पुलिस घटनास्थल पर दीवार पर खून से बनाये गये दिल के आकार में खून से लिखे गये A के मायने निकाल रही है.
नये जूते और मोबाइल बरामद: जहां शव पड़ा था वहां गोलियों के खोखे और नये जूते भी मिला है. इसके अलावा उसका मोबाइल पड़ा था. पुलिस को ठीक सटे दूसरे कमरे में एक बाल्टी पानी और कुछ किचेन का सामान भी मिला है. इससे लगता है की सैफी इसी मकान में भोजन भी तैयार करता था. जहां शव मिला उस कमरे में कोई दरवाजा नहीं था, केवल मकान के मुख्य गेट पर लोहे का दरवाजा लगा था. यहां जांच करने पहुंची एफएसएल टीम ने कई सामान से फिंगर प्रिंटस और कई साक्ष्य इकट्ठा कर ले गयी.
ट्रांसपोर्टर हत्या केस में सैफी के रिश्तेदार को जेल : सैफी हुसैन की हत्या का तार कुछ माह पूर्व एफसीआइ रोड में हुए उमाशंकर राय हत्याकांड से जुड़ता जा रहा है. उफरपुरा निवासी उमाशंकर राय एफसीआइ में ट्रक चलवाता था. कुछ माह पहले जमीन विवाद को लेकर उमाशंकर राय को अपराधियों ने सरेशाम एफसीआइ रोड स्थित खटाल में ही उस वक्त गोलियों से भून डाला था, जब वह चालकों के साथ हिसाब कर रहा था. इस हत्याकांड में एफसीआइ से टेंडर के विवाद पर भी पुलिस छानबीन कर रही है. हालांकि, पुलिस इस हत्या की गुत्थी पूरी तरह नहीं सुलझा पायी है. उमाशंकर राय के भतीजे मनोज राय, सैफी के रिश्तेदार गुलिस्तान मोहल्ला निवासी मो सोनू व जमीन माफिया मो खालिद को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है.
‘A’ लिख कर क्या गुमराह करने की कोशिश
जिस मकान के कमरे में सैफी की हत्या की गयी उसके ठीक सटेवाले कमरे की दीवार पर खून से दिल के बीच A का निशान बना हुआ था. पुलिस इसे देख प्रेम -प्रसंग के मामले से भी जोड़ कर हत्याकांड की तफतीश कर रही है, लेकिन आशंका यह भी है कि कहीं पुलिस को गुमराह करने के लिए दीवार पर ऐसा लिखा गया हो. जिस मकान में सैफी की हत्या हुई उसकी दीवारों पर कई जगह खून के निशान मिले हैं.
बनवा रहा था पासपोर्ट: परिजनों ने पुलिस को बताया है कि तीन भाइयों में सबसे छोटा था सैफी . इसका बड़ा भाई सारीब हुसैन विदेश में नौकरी करता है और वह सैफी को भी विदेश में काम करने के लिए बुला रहा था . इसके लिए सैफी ने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन भी दिया था.
10 दिनों से अर्धनिर्मित मकान में रह रहा था : पहले मो सैफी ईसापुर में टीवी मैकेनिक की दुकान खोल कर इलेक्ट्रॉनिक्स मिस्त्री का काम करता था. कुछ दिनों से वह पुलिस के लिए मुखबिरी का काम करने लगा था, इस कारण कई अपराधी गिरोह की नजर में वह किरकिरी बना हुआ था. परिजनों के मुताबिक नया टोला में कुछ दिन पूर्व सैफी के साथ कुछ स्थानीय बदमाशों ने मारपीट भी की थी. सैफी के परिजनों ने यह भी बताया कि करीब एक माह से सैफी अपने घर छोड़ कर अलग जहां-तहां रह रहा था.
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