सीआरपीएफ के एडीजी ने विदाई से पहले किया दावा, बिहार में नक्सल गतिविधियां खत्म
पटना: सीआरपीएफ के एडीजी शैलेन्द्र कुमार ने रविवार को दावा किया कि राज्य में नक्सलियों की गतिविधि काफी कम हो गयी है. पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान राज्य में नक्सली संगठन पूरी तरह से बैकफुट पर चले गये हैं. एेसा सीआरपीएफ के नियमित सर्च और कांबिंग ऑपरेशन के कारण संभव हो सका है. इसमें बिहार […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पटना: सीआरपीएफ के एडीजी शैलेन्द्र कुमार ने रविवार को दावा किया कि राज्य में नक्सलियों की गतिविधि काफी कम हो गयी है. पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान राज्य में नक्सली संगठन पूरी तरह से बैकफुट पर चले गये हैं. एेसा सीआरपीएफ के नियमित सर्च और कांबिंग ऑपरेशन के कारण संभव हो सका है. इसमें बिहार पुलिस की भी भूमिका बेहद अहम रही है.
उन्होंने ये बातें सीआरपीएफ मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंन्स में कहीं. प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्हें विदाई दी गयी. बिहार-झारखंड में 10 महीने का कार्यकाल पूरा होने के बाद उनका तबादला हैदराबाद हो गया है.
सीआरपीएफ कैडर से एडीजी के पद तक पहुंचने वाले शैलेन्द्र कुमार पहले अधिकारी हैं. उन्होंने कहा िक सुरक्षा बलों के लगातार दबाव के कारण नक्सली ट्रेनिंग कैंप और उनकी भरती अभियान पूरी तरह से बंद है. नक्सलियों को जड़ से उखाड़ फेंकने में झारखंड का भी काफी अहम सहयोग है. उन्होंने कहा कि नये लड़के अब नक्सलियों के बहकावे में नहीं आ रहे हैं और न ही उनके बहकावे में फंस रहे हैं.इस मौके पर डीआइजी नीरज कुमार, कमांडेंट करुणा राय समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
प्रमुख कमांडर मारे गये या गिरफ्तार
उन्होंने कहा कि यहां नक्सलियों की ताकत कमजोर हो चुकी है. इसका सबसे बड़ा कारण प्रमुख नक्सली कमांडर चिराग दा का मारा जाना है. इसके अलावा छह महीने में नक्सलियों के कई बड़े कमांडर मारे गये या गिरफ्तार किये गये हैं.