पटना : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी कर्पूरी ठाकुर का आज जन्म दिवस है. इस अवसर पर राज्य में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए है. बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथ लेते हुए ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री मोदी अगर ‘वाकई में पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग से हैं तो उन्हे जननायक कर्पूरी ठाकुर को उनकी जयंती पर भारत रत्न देने की घोषणा करनी चाहिए.’
जानकारों की माने तो कर्पूरी ठाकुर असल में समाजवादी आंदोलन के नेता थे. बाद में वह पिछड़ों के नेता बने. बिहार समाजवादी आंदोलन की जमीन रही है. रामानंद तिवारी, सभापति सिंह, रामदेव बाबू जैसे कई तपे-तपाये नेता इसी आंदोलन से निकले थे.
कर्पूरी ठाकुर एक नजर में
जन्म – 24 जनवरी, 1921
पिता का नाम – स्व. गोकुल ठाकुर
माता का नाम – स्व. रामदुलारी देवी
पत्नी – स्व. श्रीमती फूलेश्वरी देवी
जन्मस्थान – समस्तीपुर जिले के पितौंङिाया गांव में. अब यह कर्पूरी ग्राम.
निधन – 17 फरवरी, 1988
राजनीतिक सफर
1. वर्ष 1952 में पहली बार वह बिहार विधान सभा के सदस्य बने. 1988 तक मृत्युर्पयत बिहार विधानसभा के सदस्य रहे. 1977 में कुछ दिनों के लिए सांसद भी रहे.
2. दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे. पहली बार दिसंबर,1970 से जून,1971 तक. दूसरी बार दिसंबर,1977 से अप्रैल,1979 तक.
3. 1967 में बिहार के उपमुख्यमंत्री भी रहे.
