लाल खून का काला खेल : ब्लड डोनर या दिहाड़ी मजदूर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Jan 2015 6:58 AM

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लाल खून का काला खेल : पैसे के लालच में समय से पहले खून ‘दान’ पटना : राजधानी पटना के सबसे बड़े गांधी मैदान में दिहाड़ी मजदूर की तरह ब्लड डोनर भी मिलते हैं. यहां से दलाल के माध्यम से हर दिन इन प्रोफेशनल डोनर को 100 से 200 रुपये देकर ब्लड बैंक ले जाया […]

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लाल खून का काला खेल : पैसे के लालच में समय से पहले खून ‘दान’
पटना : राजधानी पटना के सबसे बड़े गांधी मैदान में दिहाड़ी मजदूर की तरह ब्लड डोनर भी मिलते हैं. यहां से दलाल के माध्यम से हर दिन इन प्रोफेशनल डोनर को 100 से 200 रुपये देकर ब्लड बैंक ले जाया जाता है.
ये डोनर वैसे रिक्शा चालक, मजदूर या नशेड़ी होते हैं, जो काम से भागते हैं या मजबूरी में पैसा कमाने के लिए ऐसा करते हैं. शहर के ऐसे कई ब्लड बैंक दलालों के घेरे में हैं, जहां ब्लड सरकारी बैंक में नहीं मिलने पर दलाल लोगों को पैसा का लालच देकर समय से पहले ही खून दिलवा देते हैं. ब्लड नियमानुसार ढाई से तीन माह बाद ही लिया जा सकता है, लेकिन दलाल डोनर से एक डेढ़ माह में ही ब्लड बैंक को खून दिलवा देते हैं.
ऐसे हुआ खुलासा
गुरुवार को अशोक राज पथ स्थित शशि ब्लड बैंक में छापेमारी के दौरान चार प्रोफेशनल डोनर को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद शुक्रवार दोपहर में गांधी मैदान रेड क्रॉस के सामने कुछ रिक्शा चालक झगड़ रहे थे. पता चला वे गुरुवार की घटना को लेकर आपस में भिड़े हुए थे. इसमें एक व्यक्ति को किसी ब्लड बैंक से पैसा लेना था और दलाल पैसे के लिए दौड़ा रहा था. जब उससे ब्लड बैंक का नाम पूछने की कोशिश की गयी तो वह भागने लगे और कहा कि पूरे गांधी मैदान में ऐसे कई लोग सवेरे मिल जायेंगे, जो कारोबार से जुड़े हैं.
डोनर व मरीज दोनों के लिए खतरनाक
डॉक्टरों के मुताबिक समय से पहले रक्तदान करने से जहां रक्तदाता को ही कई बीमारियों का खतरा रहता है. वहीं रक्त में शामिल कई जरूरी अंश कम होने लगते हैं. जैसे पर्याप्त मात्र में हीमोग्लोबिन नहीं होने से किसी मरीज उस व्यक्ति का खून फायदा नहीं पहुंचा पाता है.
यही नहीं इस खून के चढ़ने से मरीजों में भी बीमारियां का डर बना रहता है. बावजूद इसके दलाल सक्रिय हैं और वे लगातार गरीबों या नशेड़ियों से आये दिन रक्तदान कराते हैं. ब्लड बैंक में ब्लड की कमी होने के बाद किसी भी मरीज को तभी खून दिया जाता है, जब उसके साथ आये अटेंडेंट को एक्सचेंज के रूप में खून देना होता है, लेकिन ऐसे ब्लड बैंक खून को बेच देते हैं.
शशि ब्लड बैंक सील विभाग को भेजी रिपोर्ट
पटना : अशोक राज पथ पीएमसीएच के सामने 1999 से लाइसेंस प्राप्त शशि ब्लड बैंक को छापेमारी व जांच के बाद शुक्रवार को सील कर दिया गया. उसके खिलाफ शिकायत मिलने पर गुरुवार की शाम सिविल सजर्न डॉ केके मिश्र ने छापेमारी की थी.
इस दौरान चार प्रोफेशनल डोनर गिरफ्तार किये गये. सूत्रों के अनुसार ब्लड बैंक में कई कमियां पायी गयीं. इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गयी है. ब्लड बैंक में मिले बैग व डोनर रजिस्टर का मिलान किया गया, तो उसमें भी अंतर पाया गया. इसके अलावा जहां-तहां रखे ब्लड के सैंपल की लैब में जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर इंचार्ज पर भी कार्रवाई होगी. सिविल सजर्न डॉ केके मिश्र ने बताया कि शशि ब्लड बैंक को सील कर दिया गया है.
इसकी रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भी भेज दी गयी है. सूत्रों के अनुसार अब बिहार के सरकारी एवं प्राइवेट ब्लड बैंक की भी जांच होगी. इसके लिए विशेष टीम बनायी जायेगी और वह हर जिले के सिविल सजर्न के नेतृत्व में जांच करेगी.
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