पटना : पिछले दिनों पटना हाइकोर्ट के निर्देश के बाद पेसा ने फिर बिजली के निजीकरण का मुद्दा उठाया है. इसे लेकर उसने बिजली कंपनी से लिखित आश्वासन सहित अन्य मांगों पर वार्ता के लिए समय निर्धारित करने की मांग करते हुए बिजली कंपनी के सीएमडी को पत्र लिखा है.
इस पत्र की कॉपी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव, लेबर कमिश्नर, एनबीपीडीसीएल और एसबीपीडीसीएल के एमडी को भी भेजी गयी है. पेसा के महासचिव सुरेंद्र कुमार ने कहा है कि पटना हाइकोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने अपने प्रस्तावों पर बातचीत के लिए बिजली कंपनी के सीएमडी से समय मांगा है. उन्होंने बताया कि पिछले दिनों राज्य में बिजली के निजीकरण का विरोध करने वाले कंपनी के कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई थी, उसे वापस लेने का अनुरोध किया गया है.
कई कर्मियों पर करायी गयी थी एफआइआर
कार्रवाई के दौरान कई कर्मचारियों का ट्रांसफर कर दिया गया है. कुछ को सस्पेंड कर दिया गया है और कुछ कर्मचारियों पर एफआइआर दर्ज करवायी गयी है.
इसे लेकर कर्मियों में आक्रोश है. ऐसे में बेहतर कामकाजी माहौल बनाने के लिए उन्होंने कंपनी से सभी कार्रवाइयों को वापस लेने की मांग की है. गौरतलब है कि बिजली के निजीकरण को लेकर पेसा ने प्रस्तावित 11 फरवरी को सांकेतिक हड़ताल की घोषणा की थी. वहीं केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह, राज्य में ऊर्जा विभाग के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और बिजली कंपनी के सीएमडी प्रत्यय अमृत ने कहा था कि बिजली के निजीकरण का प्रस्ताव नहीं है. पेसा सहित अन्य संगठन लिखित आश्वासन की मांग कर रहे थे.
