पटना सिटी : कहीं गिरता है प्लास्टर, कहीं रिसता है पानी

अमिताभ श्रीवास्तव दर्जन भर ऐसे विद्यालय हैं, जहां एक भवन में पढ़ते हैं दो से तीन स्कूल के बच्चे पटना सिटी : बारिश में कहीं टपकता है छत से पानी, तो कहीं छत से प्लास्टर टूट कर गिरता है. किसी विद्यालय की दीवार जर्जर है. इससे प्लास्टर झड़ते हैं. कुछ इसी तरह की स्थिति है […]

अमिताभ श्रीवास्तव
दर्जन भर ऐसे विद्यालय हैं, जहां एक भवन में पढ़ते हैं दो से तीन स्कूल के बच्चे
पटना सिटी : बारिश में कहीं टपकता है छत से पानी, तो कहीं छत से प्लास्टर टूट कर गिरता है. किसी विद्यालय की दीवार जर्जर है. इससे प्लास्टर झड़ते हैं. कुछ इसी तरह की स्थिति है पटना सिटी के तीन अंचलों में संचालित अधिकतर प्राथमिक व मध्य विद्यालयों की. बरसात में छतों से पानी रिसता है. कुछ इसी तरह की स्थिति चौक अंचल में पड़ने वाले महिला चर्खा समिति मध्य विद्यालय मोगलपुरा की है. इस विद्यालय की छत के प्लास्टर भी जगह-जगह से टूट कर गिर चुके हैं. यहां पढ़ने वाले बच्चे भयभीत हो तालीम पाते हैं. यह स्थिति इसी अंचल के कन्या मध्य विद्यालय रानीपुर व प्राथमिक विद्यालय सोनार टोली की भी है.
मालसलामी अंचल की बात करें, तो मध्य विद्यालय जलकद्दर बाग टीन के शेड में संचालित है. इसकी स्थिति भी खस्ता है. इसी अंचल में कन्हाई लाल मध्य विद्यालय, चुटकिया बाजार, जाॅर्ज मध्य विद्यालय की स्थिति भी जर्जर है जहां विद्यालय में व गुलजारबाग अंचल में प्राथमिक विद्यालय मुसल्लहपुर नया गांव में भवन के फर्श जमीन जर्जर है. स्थिति यह है कि भय के माहौल में बच्चे शिक्षा पा रहे हैं.
बारिश में जमता है पानी, बच्चों को होती है परेशानी
आदेश के बाद भी नहीं किया गया दूसरे विद्यालय में शिफ्ट
महिला चर्खा समिति मध्य विद्यालय मोगलपुरा में दो मध्य व एक प्राथमिक विद्यालय चलता है. इसके साथ ही भवन के पश्चिम हिस्से में महिला चर्खा समिति कन्या उच्च विद्यालय चलता है. मध्य विद्यालय की छत की स्थिति जर्जर होने के कारण प्लास्टर भी टूट कर गिरता है. शिक्षकों की मानें तो मध्य व प्राथमिक विद्यालय में लगभग 500 से अधिक नामित बच्चे हैं. इसी प्रकार से जर्जर भवन में संचालित आधा दर्जन से अधिक विद्यालयों में लगभग एक हजार बच्चे नामित हैं. इसमें विद्यालय में नियमित तौर पर 70 से 75 फीसदी बच्चों को उपस्थित रहती है.
जानकारों की मानें तो जलकद्दर बाग मध्य विद्यालय की स्थिति जर्जर होने के कारण इसे दूसरे विद्यालय में शिफ्ट करने का आदेश दिया गया था. बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के महासचिव डॉ भोला पासवान इसकी पुष्टि करते हुए कहते हैं कि सरकार का आदेश है कि जिस विद्यालय की स्थिति जर्जर है, उसे दूसरे भवन में शिफ्ट किया जाये. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. इस विद्यालय को भी आर्य संस्कृति मध्य विद्यालय में शिफ्ट करना था, लेकिन नहीं हो सका.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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