पटना : अगले सत्र से प्रदेश के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में टीचर-स्टूडेंट्स ट्रैकिंग सिस्टम प्रभावी हो सकता है. शिक्षा विभाग इस दिशा में अभी प्रारंभिक पहल कर रहा है.
विभाग नीति आयोग के कंसल्टेंट से औपचारिक संपर्क साधकर ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करेगा. इसके जरिये स्कूल से नदारद रहने वाले बच्चों और अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की पहचान की जा सकेगी. नीति आयोग ने इससे पहले इस तरह का ट्रैकिंग सिस्टम गुजरात में आजमाया है. ट्रैकिंग में प्रदेश के सभी प्राइमरी स्कूलों को एक साथ जोड़ा जायेगा. इसमें डेवलप किये जाने वाले एेप काे टीचर्स एवं स्टूडेंट्स के आधार से लिंक किया जाता है.
इस सिस्टम के जरिये टीचर कितने बजे स्कूल आये? कितने बजे उन्होंने क्लास छोड़ा? इसकी जानकारी तत्काल हासिल की जा सकेगी. इसी तरह बच्चों की ट्रैकिंग भी की जायेगी. शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अफसरों द्वारा बिहार के परिवेश में इस सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए कंसल्टेंट से राय ली जा रही है. सिस्टम प्रभावी होता है तो स्कूल में अनुपस्थिति को कंट्रोल किया जा सकेगा.
