पटना : जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह की ओर से बुधवार को आयोजित दही-चूड़ा भोज में दरभंगा के केवटी से आरजेडी विधायक फराज फातिमी के पहुंचते ही बिहार की सियासी सरगर्मी बढ़ गयी. मालूम हो कि आरजेडी के मुखिया लालू प्रसाद के करीबी रहे दरभंगा से सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे अली अशरफ फातमी पिछले साल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में आस्था जताते हुए जेडीयू का दामन थाम चुके हैं, जबकि उनके बेटे फिलहाल आरजेडी में विधायक हैं.
जेडीयू के दही-चूड़ा भोज में आरजेडी विधायक फराज फातमी के पहुंचते ही बिहार की सियासत गरमा गयी. आरजेडी विधायक ने पार्टी नेतृत्व को झटका देने के साथ ही पार्टी के प्रति नाराजगी भी जतायी. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ”मुझे नहीं पता कि वह (तेजस्वी यादव) एनआरसी के खिलाफ रैली क्यों निकाल रहे हैं? अब जबकि राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इसे राज्य में लागू नहीं करेंगे.” साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री का पक्ष लेते हुए कहा कि ”बिहार में नीतीश कुमार से बड़ा कोई चेहरा नहीं है और वह केवल 2020 में सरकार बनायेंगे.
