भागलपुर के पूर्व डीएम वीरेंद्र के खिलाफ आरोपपत्र दायर

पटना : सृजन घोटाले के मामले में सीबीआइ ने बुधवार को पटना के विशेष कोर्ट में भागलपुर के तत्कालीन डीएम वीरेंद्र प्रसाद यादव समेत 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया. सीबीआइ ने यह आरोपपत्र दो मामले आरसी 16 ए 2017 और आरसी 11 ए, 2017 में भारतीय दंड विधान व भ्रष्टाचार निवारण एक्ट की […]

पटना : सृजन घोटाले के मामले में सीबीआइ ने बुधवार को पटना के विशेष कोर्ट में भागलपुर के तत्कालीन डीएम वीरेंद्र प्रसाद यादव समेत 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया. सीबीआइ ने यह आरोपपत्र दो मामले आरसी 16 ए 2017 और आरसी 11 ए, 2017 में भारतीय दंड विधान व भ्रष्टाचार निवारण एक्ट की विभिन्न धाराओं में दाखिल किया है.

आइएएस अधिकारी वीरेंद्र प्रसाद यादव वर्तमान में पिछड़ा व अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विशेष सचिव के पद पर कार्यरत हैं. सीबीआइ ने आरसी 11ए 2017 में 25 अगस्त, 2017 को दर्ज कर जब अनुसंधान शुरू किया तो पाया कि आरोपितों ने अपने पद का दुरुपयोग कर बैंककर्मी व सृजन महिला विकास सहयोग समिति के कर्मियों के सहयोग से दोनों मामलों में लगभग 27 करोड़ रूपये से अधिक का गबन किया है.
विभिन्न चेक के माध्यम से 2008 से 2010 के बीच सृजन के खाते में भेजकर सरकारी राशि का गबन कर पैसे का बंदरबांट कर लिया. अनुसंधान के क्रम में सीबीआइ ने पाया कि जो साढ़े पांच करोड़ रुपये तीन चेकों के माध्यम से डीएम, भागलपुर के खाते में जाने थे, उसे फर्जी हस्ताक्षर बना कर सृजन के खाते में डाल दिया गया.
वहीं, नौ करोड़ 53 लाख 55 हजार 426 रुपये डीएम भागलपुर के खाता संख्या 6268797981 में जमा करने थे, उसे डीएम के सहयोग से सृजन के खाते में भेज दिया गया. सीबीआइ ने आरोपपत्र में कहा कि उक्त रकम का डायवर्सन बिना डीएम की संलिप्तता के नहीं किया जा सकता है.
मामले में 12 करोड़ की रकम, जो ओरिएंटल बैंक का चेक था, उसे इंडियन बैंक के खाते में जमा करना था, लेकिन अभियुक्तों ने सांठगांठ कर इस रकम को सृजन के खाते में जमा कर रुपयों का बंदरबांट किया. सीबीआइ ने आरोपपत्र में कहा है कि सभी अभियुक्तों ने अपने पद का दुरुपयोग कर बैंककर्मियों व सृजन समिति के सहयोग से करोड़ों रुपये का सरकारी राशि का गबन किया है.
सीबीआइ ने भागलपुर के तत्कालीन डीएम वीरेंद्र प्रसाद यादव के अलावा बैंक आॅफ इंडिया भागलपुर के सहायक प्रबंधक विश्वनाथ दत्ता, बैंक आॅफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक नवीन कुमार राम, प्राइवेट व्यक्ति नालू परियाली आनंद वर्गीज उर्फ राजू , बैंक आॅफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर ज्ञानेंद्र कुमार, प्राइवेट व्यक्ति वंशीधर झा, सृजन संस्थान की प्रबंधक सरिता झा और सचिव रजनी प्रिया, संस्थान की चेयरमैन शुभलक्ष्मी प्रसाद और निजी व्यक्ति अमित कुमार के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है.
सीबीअाइ ने सृजन से जुड़े एक अन्य मामले में बैंक आॅफ बड़ौदा के मुख्य प्रबंधक मो नैयर आलम के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दायर किया है. इस मामले को सीबीआइ ने 25 अगस्त, 2017 में दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था.
अनुसंधान में सीबीआइ ने पाया कि अभियुक्त ने दूसरे आरोपितों के साथ आपसी षड्यंत्र कर 2015 से 2017 के बीच जिला कल्याण कार्यालय भागलपुर के खाते से लगभग छह करोड़ रुपये की अवैध निकासी कर सृजन की संयोजिका मनोरमा देवी के खाते में भेज कर गबन किया था. इस मामले में सीबीआइ इसके पूर्व दो आरोपपत्र दायर कर चुकी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >